नैनीताल। जनपद नैनीताल में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहते हुए आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है। बारिश के कारण नदी-नालों और बरसाती गधेरों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कंट्रोल रूम रहेंगे 24 घंटे सक्रिय
डीएम ललित मोहन रयाल ने जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ ही सभी तहसील और ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाए।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, विद्युत, पेयजल सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं को अपनी मशीनरी और पर्याप्त मैनपावर के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि भारी बारिश या भूस्खलन के कारण किसी भी सड़क के बंद होने की स्थिति में उसे जल्द से जल्द खोलकर यातायात सामान्य किया जा सके।
राजस्व विभाग कर रहा नुकसान का आकलन, प्रभावितों को तत्काल राहत
जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर बारिश से हुई संभावित क्षति का आकलन कर रही हैं। जिन स्थानों पर मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचने या पशुहानि की सूचना मिल रही है, वहां संबंधित तहसीलदारों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार तत्काल राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया जाए और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी न हो।
जनपद में करीब चार दर्जन सड़कें बंद
लगातार बारिश का असर जनपद की सड़क व्यवस्था पर भी पड़ा है। जिलाधिकारी के अनुसार वर्तमान में नैनीताल जनपद में लगभग चार दर्जन मार्ग अवरुद्ध हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा 4 से 5 स्टेट हाईवे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के गरमपानी क्षेत्र का हिस्सा भी बारिश और मलबा आने के कारण बाधित हुआ है। बंद मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर लगाई गई हैं और मार्गों को सुचारू करने का कार्य लगातार जारी है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि मौसम अनुकूल रहने पर बाधित मार्गों को शीघ्र खोल दिया जाएगा।
नदी-नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपदवासियों से अपील की है कि खराब मौसम और लगातार बारिश के दौरान केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलें।
उन्होंने लोगों को विशेष रूप से क्रोनिक लैंडस्लाइड जोन, नदी-नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और बरसाती नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है, जबकि तेज बहाव किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है।
रील्स और फोटोग्राफी के लिए जान जोखिम में न डालें
डीएम ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया रील्स बनाने या फोटोग्राफी करने के लिए नदी-नालों, झरनों और अन्य जोखिम भरे स्थानों पर न जाएं।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान अक्सर लोग तेज बहाव और प्राकृतिक दृश्यों के बीच वीडियो या फोटो बनाने के लिए खतरनाक स्थानों पर पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में मानसून काल के दौरान जोखिम भरी गतिविधियों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जनपद की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।










