हल्द्वानी में दलित उत्पीड़न और राहुल गांधी पर मुकदमे के विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह, बुद्ध पार्क में चरखा चलाकर जताया आक्रोश

हल्द्वानी। दलितों के कथित उत्पीड़न और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया।

आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से चरखा चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।

सत्याग्रह आंदोलन में राजीव गांधी पंचायती राज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पवार भी शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले नेताओं एवं लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना उचित नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग उठाते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए राजनीतिक और कानूनी दबाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।

सत्याग्रह के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़े कथित शुद्धिकरण मामले को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कथित रूप से शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ भी कानून के अनुसार मुकदमा दर्ज किया जाए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि दलित समाज के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाती है, तो समाज में गलत संदेश जाता है।

बुद्ध पार्क में आयोजित सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता चरखा चलाते नजर आए। नेताओं ने इसे गांधीवादी और शांतिपूर्ण विरोध का प्रतीक बताते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीकों से जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।

आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, दलित उत्पीड़न के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करने तथा रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाया।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक माध्यमों से अपना विरोध जारी रखेगी।

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