भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर के इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा ‘बिल्ड फॉर इंडिया 2.0 – इंटरनल हैकाथॉन 2026’ का आयोजन 8 से 9 सितंबर तक किया गया।
24 घंटे तक चले इस नवाचार एवं समस्या-समाधान आधारित हैकाथॉन में 420 विद्यार्थियों ने छह-छह सदस्यों की टीमों में प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन की तर्ज पर वास्तविक जीवन की समस्याओं के तकनीक आधारित अभिनव समाधान विकसित किए।
हैकाथॉन में दो चरणों में चयन प्रक्रिया अपनाई गई। पहले चरण में टीमों का ऑनलाइन मूल्यांकन पावरपॉइंट प्रस्तुतियों के आधार पर किया गया, जिसके बाद चयनित टीमों ने ऑफलाइन चरण में अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए और आवश्यकता के अनुसार कार्यशील प्रोटोटाइप का प्रदर्शन भी किया। प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन उनकी प्रासंगिकता, व्यावहारिकता, नवाचार और वास्तविक जीवन में संभावित प्रभाव के आधार पर किया गया।
24 घंटे की इस चुनौती के दौरान विद्यार्थियों ने विचार-विमर्श, शोध, कोडिंग, डिजाइनिंग, परीक्षण और प्रोजेक्ट विकास के माध्यम से अपने विचारों को वास्तविक समाधान में बदलने का प्रयास किया। हैकाथॉन ने विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक समस्याओं पर लागू करने का अवसर प्रदान किया तथा टीमवर्क, रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और समस्या-समाधान कौशल को मजबूत किया।
प्रतियोगिता में ‘Vashikaran’ टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ‘Zeener.opex’ टीम प्रथम रनर-अप और ‘Aquila’ टीम द्वितीय रनर-अप रही। विजेता टीमों को उनके अभिनव विचारों, तकनीकी क्रियान्वयन और प्रभावी समस्या-समाधान के लिए सम्मानित किया गया।
हैकाथॉन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष श्रेणियों में भी सम्मानित किया गया। इनमें बेस्ट GitHub Repository, बेस्ट लीडर, बेस्ट UI/UX, बेस्ट AI/ML, बेस्ट रिसर्च, बेस्ट IoT, बेस्ट इनोवेशन, बेस्ट पिच, बेस्ट ऑल-गर्ल्स टीम और बेस्ट न्यू टैलेंट–फ्रेशर्स जैसी श्रेणियां शामिल रहीं।
इस अवसर पर भीमताल परिसर के निदेशक ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की प्रभावशाली भागीदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हैकाथॉन जैसे आयोजन विद्यार्थियों को सीखने, प्रयोग करने और व्यावहारिक समाधान विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आयोजन टीम और WeCode Club के सदस्यों के समर्पित प्रयासों की भी सराहना की तथा विद्यार्थियों से हैकाथॉन के दौरान प्राप्त सीख और अनुभव को आगे भी नवाचार एवं सार्थक समस्या-समाधान की दिशा में उपयोग करने का आह्वान किया।
24 घंटे का यह हैकाथॉन विद्यार्थियों के लिए केवल प्रतिस्पर्धा ही नहीं, बल्कि विचारों को वास्तविक समाधानों में बदलने का व्यावहारिक अनुभव भी रहा। BUILD FOR INDIA 2.0 ने नवाचार, सहयोग और अनुभवात्मक सीखने की भावना को मजबूत करते हुए विद्यार्थियों में भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने का उत्साह पैदा किया।




