नैनीताल। डीएसबी परिसर, नैनीताल के इतिहास विभाग से जुड़े रहे वरिष्ठ शिक्षाविद्, शोधार्थी एवं अध्यापक प्रो. अरुण कुमार मित्तल का शुक्रवार रात लखनऊ में हृदयाघात से निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे। उनके निधन की सूचना से कुमाऊं विश्वविद्यालय परिवार, डीएसबी परिसर के शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों एवं नैनीताल के शैक्षणिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है।

प्रो. अरुण कुमार मित्तल का डीएसबी कॉलेज, नैनीताल से लंबा और महत्वपूर्ण शैक्षणिक संबंध रहा। उन्होंने वर्ष 1976 से 1988 तक इतिहास विभाग में प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वर्ष 1988 से 1989 तक वह रीडर के पद पर रहे। अपने अध्यापन, शोध कार्य और विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व के कारण उन्होंने विद्यार्थियों एवं सहकर्मियों के बीच विशेष पहचान बनाई।

डीएसबी कॉलेज में अपनी सेवाएं देने के बाद प्रो. मित्तल प्रोफेसर के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय चले गए। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनुभव और योगदान को व्यापक स्तर पर पहचान मिली। वह आगे चलकर डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद के कुलपति भी रहे और विश्वविद्यालयी शिक्षा के विकास एवं प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कूटा ने जताया गहरा शोक

कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ कूटा ने प्रो. अरुण कुमार मित्तल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कूटा ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

प्रो. मित्तल के निधन पर कूटा की ओर से प्रो. ललित तिवारी, प्रो. नीलू लोधियाल, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल जोशी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. शिवांगी, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. अशोक कुमार एवं डॉ. कुबेर गिनती सहित अन्य शिक्षकों ने शोक व्यक्त किया।

वहीं डीएसबी कॉलेज के एलुमनी सेल की ओर से डॉ. बीएस कालाकोटी, डॉ. ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे, डॉ. भुवन आर्य, डॉ. अनिल जोशी, डॉ. संजय घिल्डियाल, डॉ. रितेश साह, डॉ. भुवन शर्मा, डॉ. कुसुम शर्मा, दीपाली साह एवं पार्वती जोशी ने भी प्रो. मित्तल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इसके अलावा श्री राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, अशोक साह, जगदीश बावरी, राजेंद्र बिष्ट, बिमल साह एवं बिमल चौधरी सहित नैनीताल के विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी प्रो. अरुण कुमार मित्तल के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

प्रो. अरुण कुमार मित्तल के निधन से डीएसबी कॉलेज और कुमाऊं विश्वविद्यालय से जुड़े उस शैक्षणिक दौर की एक महत्वपूर्ण कड़ी टूट गई है। शिक्षकों और पूर्व विद्यार्थियों ने उन्हें एक विद्वान इतिहासकार, कुशल शिक्षक और प्रभावशाली शिक्षाविद् के रूप में याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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