नैनीताल में मां नंदा देवी महोत्सव पंच आरती का खास महत्व रहता है पंच आरती में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचे

सूर्यास्त के बाद नयना देवी मंदिर में विधि-विधान से हुई पंच आरती, हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक मेहरा सपत्नीक, विधायक सरिता आर्य और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी भी हुए शामिल

रिपोर्टर गुड्डू सिह ठठोला

नैनीताल। इन दिनों पूरा पहाड़ मां नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर है। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में राजराजेश्वरी मां नंदा की पूजा-अर्चना हो रही है, वहीं सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित नंदा देवी महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।नंदा महोत्सव में आस्था का अद्भुत संगम: नैनीताल में पंच आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, मां नंदा के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, वीडियो…

महोत्सव के दौरान नयना देवी मंदिर में होने वाली पंच आरती विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सूर्यास्त के बाद होने वाली इस भव्य आरती में शामिल होने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच रहे हैं।

सोमवार को भी पंच आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आलोक मेहरा सपत्नीक पंच आरती में शामिल हुए। इसके अलावा विधायक सरिता आर्य और नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां नंदा के दर्शन और आरती में सहभागिता की।

पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने विशेष विधि-विधान के साथ पंच आरती संपन्न कराई। आरती के दौरान मंदिर परिसर घंटियों की गूंज, ढोल की थाप और मां के जयकारों से गुंजायमान रहा। जैसे-जैसे सूर्यास्त हुआ, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

पंच तत्वों को समर्पित है पंच आरती

पंच आरती का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व विशेष माना जाता है। यह आरती पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—इन पांच मूल तत्वों को समर्पित होती है। भारतीय दर्शन में प्रकृति और मानव जीवन के बीच इन पंच तत्वों का विशेष महत्व बताया गया है।

आरती में दीपक, जल से भरा शंख, वस्त्र, आम और पीपल के पत्तों सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही साष्टांग प्रणाम के माध्यम से मां भगवती के प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है।

पंच आरती के दौरान जल, पंचदीप, पुष्प और अन्य पूजन सामग्रियों से मां नंदा की स्तुति की जाती है। मंदिर के पुजारी विशेष विधि-विधान से आरती को संपन्न कराते हैं। इस दौरान श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ मां की आराधना करते हैं।

जयकारों से गूंज उठता है मंदिर परिसर

पंच आरती को देखने और इसमें शामिल होने के लिए मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहता है। आरती शुरू होते ही वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और ‘जय मां नंदा’ तथा ‘जय मां भगवती’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठता है। ढोल की थाप और मंदिर की घंटियों की आवाज श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ देती है।

आरती संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं को मां के दर्शन के साथ प्रसाद भी वितरित किया जाता है। पंच आरती के प्रति स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं में भी विशेष आस्था देखने को मिल रही है। कई श्रद्धालु विशेष रूप से इस आरती में शामिल होने के लिए नैनीताल पहुंच रहे हैं।

नंदा देवी महोत्सव के दौरान पंच आरती अब महोत्सव की धार्मिक परंपरा और आकर्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

मां नंदा के प्रति लोगों की अगाध आस्था और भक्ति पंच आरती के दौरान साफ दिखाई देती है। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संपन्न हुई पंच आरती ने सरोवर नगरी के वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  रामनगर में बुलडोजर कार्रवाई के बीच महिला को आया हार्ट अटैक; 83 परिवारों के आशियानों पर चला बुलडोजर

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.