कोसी क्षेत्र में सुबह साढ़े छह बजे शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान, महिला फात्मा को अस्पताल में कराया भर्ती
घर उजड़ते देख महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
एक तरफ बुलडोजर की कार्रवाई, दूसरी तरफ बेघर होने का दर्द; अस्पताल पहुंची 45 वर्षीय महिला
अपर कोसी में फेज-2 की कार्रवाई शुरू, 83 परिवारों के सामने बेघर होने का संकट
रामनगर। नैनीताल जनपद के रामनगर में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बुलडोजर की कार्रवाई के बीच एक 45 वर्षीय महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। महिला की पहचान फात्मा के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, मकान तोड़े जाने के दौरान महिला को दिल का दौरा पड़ा। आनन-फानन में मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक टीम की मदद से महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
मकान पर बुलडोजर चलते ही बिगड़ी महिला की तबीयत
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच सबसे संवेदनशील स्थिति उस समय पैदा हुई, जब 45 वर्षीय फात्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि मकान पर बुलडोजर चलने के दौरान महिला को दिल का दौरा पड़ा। महिला की हालत बिगड़ते देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद महिला को एंबुलेंस के माध्यम से रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अपर कोसी क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वर्षों से अपने घरों में रह रहे परिवारों के मकानों को हटाया जा रहा है। अपने आशियाने उजड़ते देख महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोई घर का सामान बचाने में जुटा है तो कोई अपने बच्चों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
कई परिवारों ने प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने से पहले ही खुद अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। लोग मकानों से ईंटें निकाल रहे थे, जबकि कुछ लोग दरवाजे, खिड़कियां और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में लगे थे। प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि ठंड के मौसम में वे अपने बच्चों और परिवार के साथ कहां रहेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में अतिक्रमण हटाने के अभियान के पहले चरण यानी फेज-1 में करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में 90 से अधिक परिवारों को हटाया जाना प्रस्तावित था। हालांकि, करीब 9 से 10 परिवारों से जुड़े मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते फिलहाल उन्हें इस कार्रवाई से अलग रखा गया है। वर्तमान में करीब 83 परिवारों के मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
एक तरफ वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान, दूसरी तरफ मानवीय संकट
फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में प्रशासन का बुलडोजर एक्शन जारी है। प्रशासन की ओर से वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं प्रभावित परिवार अपने घरों को टूटते हुए देखने को मजबूर हैं। इस बीच फात्मा की तबीयत बिगड़ने की घटना ने पूरे मामले को मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ दिया है।
एक ओर परिवारों के सामने वर्षों से बसे आशियाने खोने का संकट है, तो दूसरी ओर ठंड के मौसम में रहने और बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।
अब सभी की नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास अथवा वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर उठने वाले कदमों पर टिकी हैं।

