भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल में 24 सितंबर को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्थापना दिवस उत्साह और सामाजिक सरोकार की भावना के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 210 एनएसएस स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। “सेवा, एकता और प्रगति” विषय पर आयोजित समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक सेवा, सामुदायिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में प्रो. एल. एम. पांडे, पूर्व एनएसएस समन्वयक, कुमाऊं क्षेत्र एवं वरिष्ठ एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी तथा प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार बुधानी, निदेशक, IQAC एवं पूर्व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि प्रो. एल. एम. पांडे ने अपने संबोधन में निस्वार्थ सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज के प्रति संवेदनशील रहते हुए जरूरतमंद लोगों और समुदाय के हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
वहीं प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार बुधानी ने कहा कि सार्थक सेवा की शुरुआत स्वयं से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने तथा अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इसके साथ ही एनएसएस के आदर्श वाक्य “Not Me, But You” यानी “मैं नहीं, आप” की भावना को केंद्र में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों को समाज और समुदाय के प्रति सेवा, सहयोग तथा जिम्मेदारी की भावना को अपने व्यवहार में शामिल करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर एनएसएस इकाई की ओर से वर्षभर संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। इनमें स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता, नशा मुक्ति अभियान, साक्षरता कार्यक्रम और महिला सशक्तिकरण से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख हैं।
ग्रामीण स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा भी दे रहे स्वयंसेवक
कार्यक्रम में एनएसएस की ओर से संचालित Computer Literacy Programme की भी जानकारी दी गई। इसके तहत एनएसएस स्वयंसेवक आसपास के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बुनियादी कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को डिजिटल तकनीक की प्रारंभिक जानकारी उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा ‘दिशा’ (DISHA) Programme के माध्यम से विद्यार्थियों के अंग्रेजी संवाद कौशल और सॉफ्ट स्किल्स को विकसित करने पर भी कार्य किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से एनएसएस स्वयंसेवक शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों और सभी एनएसएस स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया गया।
समारोह ने विद्यार्थियों को “Not Me, But You” के मूल मंत्र को अपने जीवन में अपनाते हुए समाज के प्रति सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।





































