नौल, बिजरौली और शाह खोला क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन अब तक नहीं हुई दुरुस्त, विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में आक्रोश
भीमताल (नैनीताल)। भीमताल नगर के वार्ड संख्या-3 के अंतर्गत आने वाले नौल, बिजरौली और शाह खोला क्षेत्रों में पिछले करीब एक माह से पेयजल आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बताया जा रहा है कि आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन अब तक ठीक नहीं हो पाई है, जिसके चलते क्षेत्र के दर्जनों परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद से नियमित जलापूर्ति ठप है। घरों में पानी नहीं पहुंचने के कारण लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। करीब एक माह से जारी इस समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों में संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना क्षेत्र के उपभोक्ताओं की ओर से कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा लंबे समय तक बाधित रहना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र की समस्या को लेकर सचिव, मुख्यमंत्री उत्तराखंड शासन/आयुक्त कुमाऊं मंडल, जिलाधिकारी नैनीताल, एसडीएम नैनीताल, मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल तथा जल संस्थान के महाप्रबंधक, अधिशासी अभियंता नैनीताल और सहायक अभियंता भीमताल को ज्ञापन भेजकर मामले से अवगत कराया गया है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य कराया जाए और क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक रूप से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
बृजवासी ने कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को लगातार इसकी जानकारी दी जा रही है।
इसके बावजूद यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।





































