रात करीब दो बजे हुआ हादसा, सुबह पांच बजे मिली सूचना; पुलिस और एसडीआरएफ ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू अभियान
रिपोर्ट: गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। कैंची धाम मंदिर क्षेत्र में केरल ढाबे के पास मंगलवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया। दूध से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर करीब 100 से 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी और नदी के समीप जा पहुंची। हादसे में वाहन सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद कैंची धाम चौकी पुलिस ने स्थानीय लोगों और एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों घायलों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली भेजा गया।
पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह करीब पांच बजे एक स्थानीय व्यक्ति ने कैंची धाम चौकी में सूचना दी कि केरल ढाबे के पास सड़क से काफी नीचे नदी के समीप किसी वाहन की लाइट दिखाई दे रही है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विजय कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास तलाशी अभियान चलाया तो नदी के पास दूध की पिकअप संख्या UK04 CC 3465 दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली।
प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में सामने आया कि पिकअप रात करीब दो बजे अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी थी। हादसे के बाद वाहन में सवार तीन लोग नदी के पास फंस गए थे। पुलिस टीम ने दुर्गम स्थान पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम ने भी रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया।
हादसे में घायल लोगों की पहचान अंकित सिंह (33) निवासी बड़ी मंडी, हल्द्वानी, वाहन चालक, बॉबी (22) तथा मोहम्मद साकिब (11) के रूप में हुई है। तीनों घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
रेस्क्यू अभियान में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विजय कुमार, एएसआई विजय कुमार, कांस्टेबल विनोद यादव और कांस्टेबल महेश गोस्वामी शामिल रहे। पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई के चलते खाई और नदी के समीप फंसे तीनों घायलों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो गांव के पास दूध से भरा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गया था, जिसमें चालक घायल हुआ था।
लगातार दूसरे दिन दूध वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहाड़ी मार्गों पर रात के समय वाहन संचालन और सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

