दुकानदार के मोबाइल में आपत्तिजनक सामग्री मिलने का बजरंग दल का दावा, साइबर और फॉरेंसिक जांच की उठाई मांग

युवतियों की तस्वीरें और चैट को लेकर विवाद, मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की मांग

युवतियों की निजी तस्वीरों से जुड़े मामले में कार्रवाई, बजरंग दल ने उठाई साइबर जांच की मांग

अल्मोड़ा। नगर के माल रोड क्षेत्र में एक रुपये में सामान बेचने वाली कॉस्मेटिक दुकान से जुड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। युवतियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोपों के बीच नगर निगम ने सीढ़ी बाजार की हरमाल गली स्थित संबंधित कॉस्मेटिक दुकान को गुरुवार को सील कर दिया। मामले में बजरंग दल ने दुकानदार के मोबाइल फोन में युवतियों की तस्वीरें, चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री मिलने का दावा किया है। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही साइबर और फॉरेंसिक जांच की मांग उठाई है।

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल है। हालांकि, मोबाइल फोन में कथित रूप से मिली सामग्री, तस्वीरों के स्रोत और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

दुकानदार के मोबाइल में तस्वीरें और चैट मिलने का दावा

बजरंग दल के अनुसार, दुकानदार की गतिविधियों को लेकर संगठन को पहले से शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद बुधवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने दुकानदार को रोककर उसका मोबाइल फोन चेक किया। संगठन का दावा है कि मोबाइल में युवतियों की तस्वीरें, चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली।

इसके बाद मोबाइल फोन पुलिस को सौंप दिया गया। संगठन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मोबाइल में मौजूद डिजिटल सामग्री की तकनीकी जांच जरूरी है। जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित तस्वीरें और चैट कहां से प्राप्त हुईं, वे किस परिस्थिति में मोबाइल में मौजूद थीं और क्या उन्हें किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया था।

हालांकि, मोबाइल में कथित सामग्री मिलने को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले में संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

साइबर और फॉरेंसिक जांच की मांग

बजरंग दल ने इस प्रकरण को लेकर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है।

संगठन ने मांग की है कि मोबाइल में मौजूद तस्वीरों, चैट स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि तस्वीरों का स्रोत क्या है, उन्हें किस उद्देश्य से एकत्र किया गया और क्या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया है।

इसके साथ ही संगठन ने युवतियों को कथित रूप से ब्लैकमेल करने या परेशान किए जाने की आशंका की भी जांच कराने की मांग की है। बजरंग दल का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि या कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

नगर निगम ने दुकान को किया सील

मामले में नगर निगम ने भी कार्रवाई करते हुए सीढ़ी बाजार की हरमाल गली में स्थित कॉस्मेटिक दुकान को गुरुवार को सील कर दिया। बताया गया है कि संबंधित दुकान नगर निगम की ओर से आवंटित की गई थी।

नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि दुकानदार के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। चूंकि संबंधित दुकान नगर निगम की ओर से आवंटित की गई थी, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की छवि पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए दुकान सील करने की कार्रवाई की गई।

दुकान सील किए जाने के बाद अब मामले में सामने आए आरोपों और कथित डिजिटल साक्ष्यों की जांच को लेकर निगाहें पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।

निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील

मामले के बीच बजरंग दल ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी युवती की निजी तस्वीरें, वीडियो या व्यक्तिगत चैट को सोशल मीडिया पर साझा न करें। संगठन ने लोगों से जांच पूरी होने तक अफवाहें फैलाने से बचने की भी अपील की है।

निजी तस्वीरों और चैट को बिना अनुमति साझा करने से संबंधित व्यक्तियों की निजता प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में किसी भी सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना देना उचित है।

निष्पक्ष जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

अल्मोड़ा में सामने आए इस प्रकरण में एक ओर दुकानदार पर युवतियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर बजरंग दल ने मोबाइल फोन में कथित डिजिटल सामग्री मिलने का दावा किया है। नगर निगम ने शिकायत के बाद दुकान सील करने की कार्रवाई की है।

अब मामले में निष्पक्ष जांच के माध्यम से आरोपों की वास्तविकता, डिजिटल सामग्री के स्रोत और उसके कथित इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा। जांच में यदि किसी प्रकार का अपराध सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, आरोपों को जांच के निष्कर्षों से पहले प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  बनबसा में पहली बार धामी कैबिनेट की बैठक, नजूल भूमि से लेकर युवाओं के कौशल विकास तक 24 प्रस्तावों पर मुहर
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.