कालाढूंगी में रामलीला मंचन का भव्य आगाज, 20 अक्टूबर को होगा रावण दहन
ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होगा भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र का मंचन, कमेटी ने क्षेत्रवासियों से की अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील

रिपोर्टर – नीरज तिवारी

कालाढूंगी। कालाढूंगी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित रामलीला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। रामलीला के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग और धर्म की विजय का संदेश देने वाली रामलीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। रामलीला मैदान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया है।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कमल सती ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष रामलीला महोत्सव का आयोजन 8 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। रामलीला के माध्यम से दर्शकों को सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा के महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
20 अक्टूबर को होगा रावण वध, 40 फीट से ऊंचे पुतले का होगा दहन
रामलीला महोत्सव का मुख्य आकर्षण 20 अक्टूबर को दशहरे के पावन अवसर पर आयोजित होने वाली रावण वध की लीला होगी। इस दौरान भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने के प्रसंग का मंचन किया जाएगा। इसके पश्चात 40 फीट से भी ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में अभी से उत्साह बना हुआ है। दशहरे पर होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
रामलीला कमेटी ने क्षेत्रवासियों से की सहभागिता की अपील
रामलीला कमेटी के महामंत्री हरीश मेहरा ने क्षेत्र की समस्त जनता से रामलीला मैदान में पहुंचकर मंचन का आनंद लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हम सभी के लिए आदर्श है। उनके जीवन से हमें सत्य के मार्ग पर चलने, अपने कर्तव्यों का पालन करने, बड़ों का सम्मान करने और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे परिवार सहित रामलीला में पहुंचें और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।
पितृपक्ष में रामलीला के आयोजन को लेकर उठी चर्चाओं पर कमेटी ने रखा पक्ष
इधर, सोशल मीडिया पर पितृपक्ष के दौरान रामलीला शुरू किए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रामलीला कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बृजेश शाह ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने इन चर्चाओं को निराधार बताते हुए कहा कि पितृपक्ष में किए जाने वाले शुभ कार्यों को पूर्वजों के आशीर्वाद से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम सनातन परंपरा में आदर्श पुरुष और पूजनीय हैं। ऐसे में उनके जीवन चरित्र पर आधारित रामलीला का मंचन श्रद्धा और आस्था का विषय है।
उन्होंने कहा कि रामलीला भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। इसका उद्देश्य समाज में धर्म, सदाचार और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। इसलिए आयोजन को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति नहीं होनी चाहिए।
धार्मिक आयोजन में सैकड़ों लोग रहे मौजूद
कालाढूंगी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कमल सती, महामंत्री हरीश मेहरा, पूर्व अध्यक्ष बृजेश शाह, पुष्कर खनायत, गोस्वामी जी, जगदीश कांडपाल, दीप सती, राजू नेगी, सारांश सती, मेहर सिंह, पंकज सती, ललित, रवि आर्य, गोपाल, शाह जी सहित सैकड़ों की संख्या में धर्मप्रेमी लोग उपस्थित रहे।
रामलीला महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही कालाढूंगी में आगामी दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रौनक बनी रहने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें 20 अक्टूबर को होने वाले दशहरा उत्सव और रावण दहन पर टिकी हैं।

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