ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल के प्रो. बीपी जोशी लगातार तीसरी बार विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर-स्कोपस की वैश्विक रैंकिंग में मिली जगह, गणित के क्षेत्र में शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता का मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
प्रो. बीपी जोशी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल
भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के गणित, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) बी.पी. जोशी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। प्रो. जोशी को वर्ष 2026 की वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित सूची में विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं में शामिल किया गया है। यह सूची अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी तथा वैज्ञानिक शोध और विश्लेषण के क्षेत्र में अग्रणी एल्सेवियर-स्कोपस के सहयोग से तैयार की गई है।
प्रो. (डॉ.) बी.पी. जोशी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने लगातार तीसरे वर्ष इस प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में स्थान बनाया है। वर्ष 2024, 2025 और 2026 में लगातार शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल होना उनके लंबे समय से जारी शोध कार्य, अकादमिक उत्कृष्टता और गणित के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
वैश्विक स्तर पर प्राप्त इस उपलब्धि को प्रो. जोशी के अकादमिक जीवन की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। उनके निरंतर शोध कार्य और वैज्ञानिक योगदान ने न केवल उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, बल्कि ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल में विकसित हो रही मजबूत शोध संस्कृति को भी नई पहचान प्रदान की है।
विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को शोध, नवाचार तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध परियोजनाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुविधाएं और अनुकूल अकादमिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी सकारात्मक शोध वातावरण में विश्वविद्यालय के शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं।
प्रो. जोशी की उपलब्धि पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर के निदेशक ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रो. जोशी के निरंतर समर्पण की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां विश्वविद्यालय की शोध क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को भी उत्कृष्ट शोध के लिए प्रेरित करती हैं।
बताया गया कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा समर्थित यह वैश्विक रैंकिंग शोध जगत में व्यापक रूप से चर्चित वैज्ञानिक संकेतकों और स्कोपस में उपलब्ध शोध आंकड़ों पर आधारित होती है। इसमें वैज्ञानिकों के शोध प्रकाशनों, उनके उद्धरणों यानी साइटेशन, शोध के प्रभाव, लेखकीय योगदान और अन्य मानकीकृत वैज्ञानिक मानकों का विश्लेषण किया जाता है।
लगातार तीन वर्षों तक दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल होना प्रो. जोशी की निरंतर शोध उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक प्रभाव का प्रमाण माना जा रहा है। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से गणित के क्षेत्र में शोध कर रहे विद्यार्थियों और युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
प्रो. जोशी की सफलता यह संदेश भी देती है कि शोध के प्रति निरंतर समर्पण, वैज्ञानिक सोच और ज्ञान की खोज के माध्यम से भारतीय शिक्षाविद और शोधकर्ता वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।
उनकी उपलब्धि से ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल की शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती मिली है।

