हल्द्वानी में 23 से 27 अक्टूबर तक सजेगा महोत्सव-2026, प्रीतम भरतवाण और मैथिली ठाकुर देंगे प्रस्तुतियां

एमबी इंटर कॉलेज मैदान में पांच दिवसीय महोत्सव का होगा आयोजन, उत्तराखंड की लोक संस्कृति और उभरते कलाकारों को मिलेगा विशेष मंच

हल्द्वानी। हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 23 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस पांच दिवसीय महोत्सव में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाओं और संगीत को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। महोत्सव में जहां नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे, वहीं स्थानीय और उभरते कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक गोविंद दिगारी ने प्रेस वार्ता कर आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महोत्सव का आयोजन इस वर्ष चौथी बार किया जा रहा है। आयोजकों का उद्देश्य लोगों को मनोरंजन के साथ अपनी समृद्ध लोक संस्कृति से जोड़ना और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। इस बार महोत्सव में उत्तराखंड और विशेष रूप से पहाड़ की संस्कृति पर फोकस किया गया है।

महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक गोविंद दिगारी ने प्रेस वार्ता कर आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महोत्सव का आयोजन इस वर्ष चौथी बार किया जा रहा है। आयोजकों का उद्देश्य लोगों को मनोरंजन के साथ अपनी समृद्ध लोक संस्कृति से जोड़ना और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। इस बार महोत्सव में उत्तराखंड और विशेष रूप से पहाड़ की संस्कृति पर फोकस किया गया है।

उन्होंने बताया कि महोत्सव में पद्मश्री सम्मानित जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण अपनी प्रस्तुति देंगे। इस दौरान दर्शकों को उनके प्रसिद्ध जागर और लोकगीत सुनने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा पिथौरागढ़ से आने वाले कलाकारों की ओर से सातों-आठों की परंपरा पर आधारित एक घंटे का विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें गौरा-महेश्वर, लखिया भूत, हिरण-चित्तल और बैल के पारंपरिक स्वरूपों के माध्यम से लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति भी होगी। वह 25 अक्टूबर को कार्यक्रम में शामिल होकर उत्तराखंड के गीतों और भजनों की प्रस्तुति देंगी। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों और आयोजक टीम की ओर से भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

कार्यक्रम संयोजक गोविंद दिगारी ने बताया कि 25 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री भी महोत्सव में शामिल होकर आयोजन को अपना आशीर्वाद देंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रहेगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने की अपील की।

वहीं, कार्यक्रम संयोजक खुशी जोशी दिगारी ने कहा कि कुमाऊं द्वार महोत्सव की मूल भावना कलाकारों को समर्पित है। यह कलाकारों का, कलाकारों के लिए और कलाकारों द्वारा आयोजित महोत्सव है। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली और उभरते हुए कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी कला और प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके।

दोनों संयोजकों ने कहा कि हल्द्वानी के लोगों के लिए यह महोत्सव केवल मनोरंजन या मेले तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में लोक संगीत, पारंपरिक प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तराखंड की विरासत को जीवंत किया जाएगा।

आयोजकों ने शहरवासियों से परिवार सहित महोत्सव में पहुंचने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। उम्मीद जताई जा रही है कि महोत्सव स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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