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उत्तराखंड में पिछले दो से तीन दिन से लगातार हुई बारिश ने किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। यहां किसान बेहद परेशान दिखाई दे रहे हैं, खेतों में खड़ी फसल बर्बाद  दिखाई दे रही है।

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गेहूं और सरसों खेतों में मौजूद है, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि से यह फसल बर्बाद होती हुई दिखाई दे रही है. इससे किसानों के माथे पर परेशानी की लकीरें साफ दिखाई दे रही है।

उत्तराखंड के हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल में सहित कई शहरों में बारिश ने किसानों की फसल को पूरी तरह से बर्बाद किया है। खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद  हुई दिखाई दे रही है. किसानों का कहना है कि हमें उम्मीद नहीं थी कि बारिश इस कदर अपना कहर बरपाएगी जिससे हमें बर्बादी का सामना करना पड़ेगा।वही मौसम विभाग की अगर माने तो अभी और भी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है

कृषि विभाग कर रहा नुकसान का आकलन
कृषि विभाग किसानों के हुए नुकसान का आकलन कर रहा है. सबसे ज्यादा नुकसान हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है तो वहीं उधम सिंह नगर और नैनीताल के भी कई इलाकों में बारिश से किसानों की खेती को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल बारिश तो रुकी है लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश हो सकती है।

किसानों की स्थिति खराब दिखाई दे रही है फसल अगर पूरी तरह बर्बाद होती है तो किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। हरिद्वार के किसानों ने बातचीत में बताया कि न केवल गेंहू, बल्कि सब्जी फल उगाने वाले किसानों को भी नुकसान हुआ है।

जो की काफी बड़ा है ये नुकसान उत्तराखंड में सब्जी के दाम बढ़ा सकता है. कृषि विभाग लगातार किसानों के संपर्क में बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन लगाया जा रहा है।

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