उच्च न्यायालय ने किशोर न्यायालय बोर्ड उधम सिंह नगर में बोर्ड सदस्य की नियम विरुद्ध जाकर नियुक्ति करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने किशोर न्यायलय बोर्ड उधम सिंह नगर में बोर्ड के सदस्य की नियम विरुद्ध जाकर नियुक्ति करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया।
कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्ति देने के निर्देश दिए है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि उनको नियुक्ति करने का अधिकार सलेक्शन कमेटी को है ना कि राज्य सरकार को। राज्य सरकार ने इनकी नियुक्ति नियमों के विरुद्ध जाकर की है।
आपकों बता दे कि वेदना गुप्ता ने उच्च न्यायलय में याचिका दायर कर कहा है कि उन्होंने किशोर न्यायलय बोर्ड उधम सिंह नगर के सदस्य पद हेतु आवेदन किया था।
सलेक्शन कमेटी ने इस पद पर चयन हेतु सूची बनाई गई थी उसमें उनका स्थान पहले नम्बर पर था।
परन्तु राज्य सरकार ने इस पद पर उनकी नियुक्ति न करके दूसरे व तीसरे स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी। जबकि सलेक्शन कमेटी में उच्च न्यायलय के सेवानिवृत्त न्यायधीश होते है।
राज्य सरकार ने इसके विरुद्ध जाकर दूसरे व तीसरे स्थान पाने वाले अभ्यर्थियो की नियुक्ति कर दी। इस सम्बंध में उनके द्वारा राज्य सरकार को प्रत्यावेदन दिया गया।
परन्तु उसपर राज्य सरकार ने कोई विचार नही किया। जिसको उनके द्वारा उच्च न्यायलय में चुनोती दी। जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि यह नियुक्ति नियम विरुद्ध जाकर की गई है।
इसलिए राज्य सरकार चार सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्ति दे।

