जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीद आनंद सिंह रावत का नाम याद रहेगा
गमगीन माहौल में शहीद को सैन्य सम्मान के साथ सूर्य प्रयाग घाट पर दी गई अंतिम विदाई
शहीद के पार्थिव शरीर के गांव कांडा पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब
शहीद के बड़े पुत्र मनीष ने दी चिता को मुखाग्नि
शहीद अपने पीछे छोड़ गया दो पुत्र, मां और पत्नी
रुद्रप्रयाग। जम्बू कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते समय शहीद हुए रुद्रप्रयाग जनपद के कांडा भरदार गांव निवासी नायक सूबेदार आंनद सिंह रावत को आज सैन्य सम्मान के साथ सूर्य प्रयाग घाट में अंतिम विदाई दी गई।
इस दौरान शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा, आनंद सिंह रावत तेरा नाम रहेगा, वंदे मातरम, भारत माता की जय आदि के नारे गुंजायमान हो उठे।
आज दोपहर को शहीद आनंद सिंह रावत का पार्थिव शरीर उनके गांव कांडा पहुंचा। गांव पहुंचने पर इनके परिजनों ने अंतिम दर्शन किए। जिसके बाद सेना के जवान शव को सूर्य प्रयाग घाट लाए।
अंतिम दर्शन के दौरान तिरंगे में लिपटे शहीद बेटे के शव को देखकर मां, पत्नी और दोनों बेटों के रो रो कर बुरे हाल हो गए। सम्पूर्ण गांव का माहौल गमगीन हो गया। कुछ देर बाद शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई।
घाट पहुंचने पर शहीद के बड़े पुत्र 15 वर्षीय मनीष ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले शहीद के शव को आर्मी के जवानों, प्रशासन के अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने पुष्प चक्र प्रदान किए। गांव और घाट में मौजूद हर व्यक्ति की आंखे बेहद नम थी।
बता दें कि शहीद आनंद सिंह रावत 22 गढ़वाल रायफल में तैनात थे। यह भारतीय सेना में वर्ष 2001 में भर्ती हुए थे। यह 24 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे।
इनके दो पुत्र, पत्नी, मां और बड़े भाई का परिवार है। शहीद के बच्चे वर्तमान में देहरादून में रहते हैं। शहीद आनंद सिंह रावत की इस शहादत को सम्पूर्ण देशवासी आजीवन याद रखेंगे।
कोटद्वार। देश की रक्षा के लिए जम्मू कश्मीर के कठुआ में आतंकी हमले में रिखणीखाल नोदानु के कमल सिंह और रिखणीखाल डोबरिया के अनुज नेगी शहीद हो गए थे।
दोनो शहीद वीर सैनिकों के पार्थिव शरीरों को आज उनके पैतृक निवास स्थानों ले जाया गया। जहाँ पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह व विधायक दलीप रावत ने शहीद वीर जांबाज कमल सिंह एवं अनुज नेगी को पुष्प अर्पित कर नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गयी।
दोनो शहीदो की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग सामिल हुए। जिसके बाद दोनो शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घाट में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
वीर जांवाज शहीद कमल सिंह वर्ष 2007 एवं वीर जांबाज शहीद अनुज वर्ष 2018 में भारतीय सेना के 22 वीं गढ़वाल राईफल में भर्ती हुये थे।





