नैनीताल में उत्तराखंड क्रांति दल के सदस्यों ने उत्तराखंड क्रांति दल का स्थापना दिवस मनाया
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल द्वारा पार्टी कार्यालय दल का स्थापना दिवस मनाया ।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं द्वारा टिहरी रियासत के अन्तर्गत नागरिक अधिकारों की बहाली के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत श्रीदेव सुमन की सहादत को याद करते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिक्ष्याविद् के सी उपाध्याय द्वारा की गई ।वक्ताओं द्वारा उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की भूमिका व चुनौतियों पर विचार व्यक्त किये गए
कार्यक्रम मैं विचार व्यक्त करते हुए पूर्व विधायक डॉ नारायण सिंह जन्तवाल ने कहा यदि उत्तराखण्ड क्रान्ति दल न होता तो राज्य का निर्माण कभी नहीं होता,चुनौतियाँ बहुत कठिन थी राज्य के बड़े राजनीतिक लोग राज्य के पक्षधर नहीं थे ।
उत्तराखण्ड क्रांति दल राज्य विरोधी षड़यंत्रों को राज्य की जनता के बीच ले गया अंततः गांधीवादी सिद्धांतों के अनुरूप एक बड़ी लड़ाई लड़ी गई व् ४२ सहादतों के बाद राज्य अस्तित्व मैं आया ।राज्य बना और उत्तराखंडी जनमानस मैं आश जगी कि अब समश्यावों का निदान होगा लेकिन राष्ट्रीय दलों की कुर्सी की लड़ाई ने हालात बद से बदतर कर दिये ।
राष्ट्रीय दलों की ग़लत नीति व नियत के कारण राजधानी ,पलायन,भू क़ानून ,मूल निवास ,रोज़गार,भ्रष्टाचार जैसे विषय जस के तस हैं ।ये राज्य का दुर्भाग्य है कि ट्रिपल इंजन की सरकार है बीजेपी को पाँच सांसद देने वाला राज्य आज बज़ट मैं ख़ाली हाथ रहा जबकि टीडीपी व जेडीयू जैसी क्षेत्रीय दल बज़ट का बड़ा हिस्सा ले गए ।
पहाड़ का पानी पहाड़ की जवानी चुनावी जुमला बन गई ।क्षेत्रीय दल का राज्य के विकास से क्या संबंध है इस चुनाव मैं साबित हो गया ।विश्व प्रशिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल को सौंदर्यीकरण की नहीं सुरक्षा की ज़रूरत है जगह जगह भू धसाव हो रहा है ऐसा लगता है।
शाशन प्रशासन किसी बड़ी घटना की प्रतीक्षा मैं है।पूरे उत्तराखंड मैं तत्काल युद्धस्तर पर आपदा से बचाव के लिए दीर्घक़ालीन योजनाये बनाये जाने की आवश्यकता है ताकि रिस्पांस टाइम कम किया जा सके ।
डॉ जन्तवाल ने जनता का आह्वान किया कि उत्तराखण्ड क्रान्ति दल को मज़बूत करने आगे आये ।
कार्यक्रम मैं एडवोकेट प्रकाश पांडे ,पान सिंह सीजवाली ,सज्जन साह ,प्रताप सिंह बिष्ट ,के सी उपाध्याय ,डी के जोशी ,गिरीश चंद्र ,धीरेंद्र सिंह बिष्ट ,मदन सिंह बगड़वाल ,विजय साह आदि ने संबोधित किया ।
गोष्ठी के समापन पर उत्तराखंड राज्य निर्माण मैं अपनी सहादत देने वाले शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।





