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ऑक्सीजन प्लांट वक्त पर नहीं आया काम, रोगी ने ऑक्सीजन के अभाव में तोड़ा दम,तीमारदारों को नहीं मिल पाई 108 एंबुलेंस की सेवा 

अल्मोड़ा। जिले के चौखुटिया में पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं की दशा क्या है। इसके लिए मंगलवार की यह घटना केवल एक उदाहरण ही है।

चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा ऑक्सीजन प्लांट वक्त पर काम नहीं आया और रोगी को ऑक्सीजन नहीं मिल पाई।

मरीज को यहां से रेफर किया तो तीमारदारों को 108 एंबुलेंस की सेवा भी नहीं मिल पाई। मजबूरी में निजी वाहन से रोगी को लेकर तीमारदार रानीखेत के लिए रवाना हुए। लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

चौखुटिया विकासखंड के फुलई दौलड़ी निवासी पूर्व प्रवक्ता पूरन चंद्र पांडे कुछ दिनों से बीमार चल थे। मंगलवार को अचानक उनका स्वास्थ्य अधिक खराब हो गया और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

आननफानन परिजन उन्हें उपचार के लिए सीएचसी चौखुटिया लेकर गए। यहां ऑक्सीजन प्लांट के खराब होने के कारण रोगी को ऑक्सीजन नहीं मिल पाई।

चिकित्सकों ने रोगी को रानीखेत रेफर कर दिया। परिजन जब उन्हें रानीखेत ले जाने लगे तो मौके पर 108 एंबुलेंस भी मौजूद नहीं थी। मजबूरी में रोगी के तीमारदार उन्हें निजी वाहन से रानीखेत ले जाने लगे लेकिन सीएचसी चौखुटिया से कुछ दूर जाकर रोगी ने दम तोड़ दिया।

सीएचसी चौखुटिया में ऑक्सीजन प्लांट होने के बाद भी वह पिछले दो सालों से खराब पड़ा हुआ है। मंगलवार की रात अगर रोगी को समय से ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।

चौखुटिया सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। गेवाड़ विकास समिति कई बार यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों व रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करने, खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट को दुरुस्त करने की मांग कर चुके हैं।

लेकिन न तो अफसरों ने कभी अस्पताल की सुध ली और न ही जनप्रतिनिधियों ने। लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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