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रानीखेत। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत में नौवें आयुर्वेद दिवस – 2024 के अवसर पर प्रभारी सहायक निदेशक एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी, डॉ. वी. बी कुमावत, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) के मार्गदर्शन में बहिरंग अनुभाग में जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया।

जिसमें डॉ. दीपशिखा आर्या, अनुसंधान अधिकारी (वन.) द्वारा ‘‘मानसिक स्वास्थ्य में आयुर्वेदिक औषधीय पौधे की भूमिका” विषय पर बहिरंग अनुभाग में आये हुए रोगियों एवं संस्थान के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को व्याख्यान से लाभान्वित किया गया।

जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य हेतु ब्राहमी, जटामांसी, सर्पगंधा, अश्वगंधा, शंखपुष्पी इत्यादि आयुर्वेदिक औषधीय पौधें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं जिनका कृषिकरण एवं उत्पादन किस तरह से किया जा सकता है।

इसी कार्यक्रम के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी में रोगियों द्वारा भ्रमण किया गया साथ ही रोगियों के द्वारा आयुर्वेद के प्रति अपने विचार प्रस्तुत किए गए एवं प्रदर्शनी में उपस्थित लोगों को औषधीय पादपों का वितरण किया गया।

जिसमें लगभग संस्थान के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों सहित लगभग 59 लोगों ने प्रतिभाग किया।

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