देहरादून। उत्तराखंड में इस बार साल 2024 की विदाई और भी खास होने वाली है। मौसम विभाग ने 27 और 28 दिसंबर को पूरे प्रदेश में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है।

यह खबर न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि सर्दियों के रोमांच का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए भी उत्साहजनक है।

साल के अंत में उत्तराखंड का मौसम एक बार फिर से बर्फबारी और बारिश का खूबसूरत नजारा पेश करेगा। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए यह ठंडा लेकिन आनंददायक अनुभव होगा।

हालांकि, प्रशासन ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तो तैयार हो जाइए, क्योंकि उत्तराखंड की बर्फीली वादियां आपका इंतजार कर रही हैं! मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, 27 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं।

हल्की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलेंगी। मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट होगी।मसूरी और नैनीताल : यहां स्थित हिल स्टेशनों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है, जिससे पर्यटकों को अद्भुत अनुभव मिलेगा।

इन जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों जैसे यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में बर्फबारी हो सकती है। ये जगहें सफेद चादर में लिपटी नजर आएंगी।बागेश्वर और पिथौरागढ़ : यहां के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे मुनस्यारी और मिलम ग्लेशियर में भारी बर्फबारी का अनुमान है। हरिद्वार और उधमसिंह नगर : यहां हल्की बारिश होगी, जो ठंड को और बढ़ा देगी।

बारिश और बर्फबारी के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी और ठंड और कड़ाके की सर्दी में बढाेतरी हो जाएगी।पर्यटन को बढ़ावा : बर्फबारी के कारण मसूरी, नैनीताल, औली और चोपता जैसे स्थानों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ेगी।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने और जरूरी उपकरण साथ रखने की सलाह दी है।

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