उत्तराखंड उच्च न्यायालय बागेश्वर जिले की तहसील कांडा के कई ग्रामों में खड़िया खनन से आई दरारों के मामले में कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले की तहसील कांडा के कई ग्रामों में खड़िया खनन से आई दरारों के मामले में कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई हुई।

आज डीएम बागेश्वर, जिला खनन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट कोर्ट की खंडपीठ ने एसपी बागेश्वर को कल तक खनन पर लगी सभी मशीनों को सीज कर कल रिपोर्ट पेश करने को कहा है। 

    6 जनवरी को कोर्ट की खंडपीठ ने खड़िया खनन पर रोक लगा दी उसके बाद 7 जनवरी को 7 बजकर 46 मिनट पर खुदान व ट्रांसन्सपोर्टेशन वहां हुआ।

जो कि उच्च न्यायलय के आदेश का उलघ्घन है। इसकी शिकायत ग्राम वासियों ने न्यायमित्र के साथ साझा की है।  

  आपकों बता दे कि बागेश्वर जिले के ग्रामीणों ने अपने प्रार्थनपत्र में आज तक से हुई वार्ता में कहा था कि उनकी बात न तो डीएम सुन रहा न ही सीएम न ही प्रशाशन। कब से ग्रामीण वासी उन्हें विस्तगपित करने की मांग कर रहे है।

जिनके पास साधन थे वे हल्द्वानी बस गए लेकिन गरीब गाँव मे ही रह गए। ग्रामीणों ने अपने दर्द बयां करते हुए कहा था कि कई खण्डिया खनन कारोबारी मेरी धरती को चिर कर हल्द्वानी में बेच दिया।

अब हमारा कोई नही इसलिए आंखरी ऊमीद पर उच्च न्यायलय की शरण में आए है आप समस्त ग्रामीणों को न्याय दें।

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