6 दिन पहले शादी और पत्नी को रोता छोड़ गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल, हाथों में मेंहदी और चूड़ा पहने लाश के साथ बैठी दुल्हन की तस्वीर देखकर सो नहीं पाया पूरा भारत

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते दिन मंगलवार को आतंकी हमला हुआ। इस हमले में कई लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। जिनमें हरियाणा के करनाल के रहने वाले लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का नाम भी शामिल है।6 दिन में टूटा 7 जन्मों का साथ…पहलगाम में आतंकी हमले में करनाल के लेफ्टिनेंट की मौत, परिवार में पसरा मातम

उनकी 16 अप्रैल को शादी हुई थी और 19 अप्रैल को रिसेप्शन पार्टी हुई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया है। परिवार के लोग अभी फिलहाल कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि विनय और हिमांशी हनीमून के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे। मंगलवार को जब वे बैसारन घाटी में घूम रहे थे, उसी दौरान आतंकियों ने विनय पर फायरिंग कर दी। जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

उनकी पत्नी हिमांशी नरवाल ठीक हैं। विनय के परिवार के लोगों को मंगलवार शाम को घटना की सूचना मिली। जिसके बाद वे जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो गए। उनका शव आज करनाल लाया जा सकता है।

करनाल के सेक्टर-7 में रहने वाले लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी और अभी परिवार में खुशियों का माहौल था कि अचानक खुशियां मातम में बदल गई।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कोच्चि में तैनात भारतीय नौसेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नवल जिनकी उम्र 28 वर्ष के करीब थी जो छुट्टी पर थे।

21 अप्रैल को गए थे कश्मीर

दोनों पति पत्नी 21 अप्रैल को हनीमून के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे। मंगलवार को पहलगाम की बैसारन घाटी में घूम रहे थे, तभी आतंकियों ने विनय को गोली मार दी। विनय की मौके पर ही मौत हो गई है और पत्नी हिमांशी सुरक्षित हैं।

हिमांशी का कहना है कि वो अपने पति के साथ भेलपुरी खा रही थी तभी एक आदमी आया। उसने कहा कि ये मुस्लिम नहीं है और फिर गोली मार दी।

3 साल पहले ज्वाइन की थी नेवी

लेफ्टिनेंट विनय के परिवार वालों को मंगलवार रात को इस घटना की जानकारी मिली। वे लोग जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो चुके हैं। उनका शव आज करनाल लाया जाएगा। बता दें कि विनय ने बीटेक करने के बाद 3 साल पहले नेवी ज्वाइन की थी।

अभी उनकी ड्यूटी केरल के कोच्चि में थी। शादी को लेकर 30 मार्च से छुट्टी पर थे। 16 अप्रैल को शादी हुई और 21 अप्रैल को हनीमून पर निकल गए थे, 22 अप्रैल को आतंकी हमले में मारे गए।

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