नैनीताल में यूसीसी के विरोध में विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर जताया विरोध,कानून हटाने की मांग

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। समान नागरिक कानून को हटाने को लेकर मल्लीताल पंत पार्क से रैली निकाल कर तल्लीताल अंबेडकर की मूर्ति के पास विभिन्न संगठन के लोगों ने एकत्रित होकर समान नागरिक कानून को जन विरोधी संविधान विरोधी,महिला विरोधी अल्पसंख्यकों के खिलाफ बताया जिसे धामी सरकार उत्तराखंड में लाई है।विभिन्न संगठनों के लोगों ने समान नागरिक कानून को हटाने की मांग की है।नैनीताल : यूसीसी के विरोध में विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर जताया विरोध
समाजवादी लोकमंच के मुनिष कुमार ने बताया कि 27 जनवरी 2025 को भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में एक जन विरोधी काला कानून लागू किया जिसका नाम भाजपा सरकार ने समान नागरिक कानून रखा है।जिसका कुमाऊं भर लोग विरोध कर रहे है।

उनका कहना है कि यह कानून महिला विरोधी है,देश के संविधान के खिलाफ है,जन विरोधी है समाज के खिलाफ है इस कानून को रद्द करना चाहिए। जो भारत सरकार ने उत्तराखंड के अंदर भेदभाव पूर्ण कानून लागू कर रही है जिसका उत्तराखंड की जनता आवाज उठा रहे है और इस कानून को रद्द करने की मांग कर रहे है।

कहां की आज उनके द्वारा नैनीताल के अंदर प्रदर्शन कार्यक्रम किया गया जिसके बाद उनके द्वारा कुमार कमिश्नर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा साथ ही जरूरत पड़ी तो कोर्ट की शरण भी ली जाएगी।

सरकार द्वारा इस कानून में 18 से लेकर 100 वर्ष तक की आयु के लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन लागू कर दिया है जो इसमें रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा उसे जनकल्याणकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। जिसमें विधवा पेंशन,वृद्धा पेंशन,सहित सैकड़ों जन कल्याणकारी योजनाए है।नैनीताल : यूसीसी के विरोध में विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर जताया विरोध

इसमें लोगों की पर्सनल जानकारी की इनफार्मेशन भी मांगी जाती है यह देश के संविधान लोगों के प्राइवेसी का उल्लंघन है। वही धार्मिक सरकार पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि धामी सरकार उत्तराखंड को प्रयोगशाला बनाकर पेश कर रही है।जिसको उत्तराखंड की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने धामी सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त करते हुए जमकर नारे लगाए। और समान नागरिक कानून को हटाने की मांग की है। इस दौरान मुनिष कुमार माया तिवारी,महंत, संजना शर्मा, कशिश, शीतल कश्यप, हिना, अंजलि, रोशनी सीमा, कोमल, उषा ,गंगा आदि लोग मौजूद थे।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  उत्तराखंड में चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कुमाऊं के 300 से अधिक अधिकारी-कर्मियों के तबादले की तैयारी

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.