भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उत्तराखंड के प्रमुख हिल स्टेशनों जैसे मसूरी और नैनीताल में पर्यटन सीजन पर गहरा असर पड़ा है।
मई के महीने में आमतौर पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन इस बार हालात बदले-बदले नजर आ रहे हैं.
शहर के होटल संचालकों का कहना है कि इस बार मई के लिए की गई एडवांस बुकिंग का लगभग 40 फीसदी हिस्सा रद्द हो चुका है. मसूरी में मई में सामान्यतः 70-80% बुकिंग होती है, लेकिन अब यह घटकर 30-40% हो गई है.
पर्यटन स्थलों पर पसरा सन्नाटा
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया, ‘पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और खराब मौसम की वजह से बुकिंग में भारी गिरावट आई है. सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें हो रहा है जिन्होंने होटल लीज पर लिए हुए हैं।’
मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश जैसे स्थलों पर अब सैलानियों की संख्या में साफ गिरावट देखी जा रही है. माल रोड जैसी आमतौर पर गुलजार रहने वाली जगहों पर भी सन्नाटा पसरा है. होटल और होम स्टे की बुकिंग केवल 8-10 फीसदी तक सिमट चुकी है।
टूर एंड ट्रैवल्स इंडस्ट्री भी संकट में
टूर एंड ट्रैवल्स कारोबार पर भी इसका गहरा असर पड़ा है. हल्द्वानी के कई टूर ऑपरेटर्स ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की लगभग सभी बुकिंग रद्द हो चुकी हैं. भावना हॉलिडे टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक नमित अरोरा ने कहा, ‘पर्यटकों में डर का माहौल है, 70 फीसदी तक कारोबार में गिरावट आई है.’ रामरतन राजपूत, श्री राधा रानी सेवा समिति, हल्द्वानी ने कहा, ’12 मई को लंबी यात्रा का कार्यक्रम था, जिसे अब रद्द करना पड़ा है।’
सीमा पर तनाव के चलते एसएसपी पीएन मीणा ने नैनीताल जिले में अलर्ट जारी कर दिया है. अधिकारी और कर्मचारियों की छुट्टियां फिलहाल रद्द कर दी गई हैं. जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक ये आदेश प्रभावी रहेंगे।
पुलिस ने ‘इंस्टॉलेशन साइबर अटैक’ की आशंका जताई है, जिसके तहत हमलावर सिस्टम में मैलवेयर डालकर डेटा चुराने या सिस्टम को डैमेज कर सकते हैं. रेलवे, हेली सेवा और अन्य अहम विभागों को सतर्क कर दिया गया है।














