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बागेश्वर जिले के पौंसारी में अतिवृष्टि के दौरान लापता तीन लोगों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान रमेश चंद्र जोशी का के रूप में हुई। अन्य की खोजबीन जारी है।
कपकोट तहसील के पौंसारी गांव के खाईजर में आई आपदा में मारे गए पति-पत्नी समेत तीन लोगों की चिताएं सरयू संगम पर एक साथ जलीं। दो लापता लोगों की खोज अभी जारी है।

पौंसारी गांव में हुए हादसे में रमेश चंद्र जोशी, उनके पुत्र गिरीश लातपा हो गए थे, जबकि उनकी पत्नी बसंती का शव बरामद कर लिया गया था। शनिवार को रेस्क्यू के दौरान 50 वर्षीय रमेश जोशी का भी शव मिल गया। गिरीश अभी भी लापता हैं। इसी हादसे में दूसरे परिवार के पूरन जोशी लापता हो गए थे।

उनकी मां बचूली का शव मिल गया था। घटना की सूचना के बाद रमेश का पुत्र गणेश दिल्ली से पहुंचा, जबकि बचुली के दो पुत्र महेश चंद्र व प्रकाश चंद्र भी घटना के बाद गांव पहुंच गए। दानों हल्द्वानी रहते हैं।

देर शाम पीएम के बाद तीनों की चिताएं एक साथ जलीं। रमेश और बसंती को गणेश, जबकि बचुली को उनके बेटे प्रकाश व महेश ने मुखाग्नि दी। पूरन व गिरीश की खेाज जारी है।

राजकीय इंटर कॉलेज बैसानी में आपदा राहत शिविर बनाया गया है। यहां 12 परिवार के लोगों को रखा गया है। विधायक सुरेश गड़िया, डीएम आशीष भटगांई तथा एसपी चंद्रशेखर घोड़के रातभर शिविर में जमे रहे। मातहतों को दिशा निर्देश दिए।

कपकोट के पौंसारी के खाईजर तोक में अतिवृष्टि के बाद का मंजर काफी भयावह है। घटना के बाद शव अलग-अलग स्थानों से रेस्क्यू किए गए हैं। शव ढूंढने के लिए डॉग स्क्वॉड टीम भी पौंसारी पहुंच गई है।

पौंसारी का प्राथमिक विद्यालय परिसर मलबे से पटा हुआ है। कक्षा कक्ष में जाने तक का रास्ता नहीं बचा है। बैसानी में लोग घरों के आंगन में रोटी बनाकर खा रहे हैं। खाईजर में दो मकान व गोशाला पूरी तरह नष्ट हैं।

इन घरों में रहे लोगों के शव अलग-अलग स्थान से बरामद हुए। पहला शव बसंती देवी का घटना स्थल से 100 मीटर दूरी पर मिला। दूसरा बचुली देवी का 500 मीटर दूरी एक पत्थर के ऊपर अटका मिला।

तीसरा शव शनिवार को घटना स्थल के कुछ ही दूरी पर मलबे में दबा मिला। यहां अन्य दो लापता लोगों की तलाश जारी है।

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