जनता की आवाज़ सीधे प्रशासन तक: आयुक्त दीपक रावत ने सुनी जनसमस्याएँ, कई मामलों का मौके पर निस्तारण

हल्द्वानी। आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री, दीपक रावत, ने शनिवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित कर लोगों की समस्याएँ सुनीं। कई प्रकरणों का समाधान मौके पर किया गया, जबकि शेष मामलों पर विभागीय स्तर पर त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

जनता मिलन में हल्द्वानी की एक फैक्ट्री में महिला श्रमिक के हाथ की अंगुलियाँ कटने के गंभीर हादसे का मामला सामने आया।

शिकायत में कहा गया कि फैक्ट्री में बिना प्रशिक्षण खतरनाक मशीनें चलायी जा रही थीं, कर्मचारियों को ई॰एस॰आई का लाभ नहीं दिया गया और वेतन अधिनियम का पालन नहीं हो रहा था।

आयुक्त ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि पीड़िता को कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजा दिलाया जाए और फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।

हल्द्वानी तहसील से जुड़े एक प्रकरण में शिकायतकर्ता ने अमीन (जो 2015 तक अनुबंध पर कार्यरत थे) पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए आर॰टी॰आई दाखिल की थी।

जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता स्वयं पटवारी पर दबाव डाल रहा था और रात में फोन कर आत्महत्या की धमकी भी दी।

आयुक्त ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को धमकियाँ मिलना गंभीर विषय है और इनकी रिपोर्ट दर्ज कराना आवश्यक है। जनता से भी अपील की कि समस्याएँ शांतिपूर्ण एवं विधिक तरीके से प्रस्तुत करें।

इसी दौरान एक पत्रकार पर POCSO एक्ट से जुड़े मामले में मध्यस्थता और धन की मांग करने का आरोप भी सामने आया।

आयुक्त ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर 20 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि POCSO जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की मध्यस्थता या हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।

दोषी की मदद करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों को केवल निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटाया जाए।

उद्यम सिंह नगर के दिनेशपुर क्षेत्र में भूमि घोटाले और अवैध प्लॉटिंग से संबंधित शिकायत पर आयुक्त ने एसडीएम को मौके पर जाकर जांच और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

स्थानीय मुद्दों में पार्षद धरमवीर शासक ने वार्ड-14 में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क निर्माण और ई-टॉयलेट की मांग रखी, जिस पर कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।

पालतू पशुओं की समस्या पर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि अपने पशुओं को आवारा न छोड़ें और गौशालाओं में रखें; सड़कों पर पशु छोड़ने वालों के विरुद्ध चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही अखिल भारतीय किसान महासभा, बागजाला के प्रतिनिधियों ने आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। आयुक्त ने कहा कि सभी बिंदुओं का परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनता मिलन का उद्देश्य यही है कि लोग अपनी समस्याएँ सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें और उनका समाधान समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से हो।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की नियमित समीक्षा हो और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को भरोसेमंद और त्वरित सेवा मिल सके।

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