नर्सिंग सेक्टर में करिअर की तैयारी कर रहीं छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के 39 नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग की 1790 सीट बढ़ने जा रही है।

शुक्रवार को सचिवालय में नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालन के लिए गठित एम्पावर्ड कमेटी में बैठक में इसकी संस्तुति की गई।

स्वास्थ्य मंत्री के औपचारिक अनुमोदन के बाद कॉलेज को इसकी विधिवत अनुमति जारी कर दी जाएगी।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नर्सिंग पाठ्यक्रम और नए कॉलेज की स्थापना के विषय में भी कुछ अहम निर्णय किए गए। बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने नर्सिंग सीट का ब्योरा रखा।

उन्होंने बताया कि स्टेट नर्सिंग काउंसिल में वर्ष 2024 तक पंजीकृत नर्सों की कुल संख्या 21 हजार 541 है। वर्तमान में सरकारी एवं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में 9806 लोगों का नर्सिंग प्रशिक्षण चल रहा है।

नर्सिंग कॉलेज के संचालन, नए कोर्स, सीट वृद्धि की प्रक्रिया को और सरल किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को कार्य योजना बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

मालूम हो कि राज्य में अस्पतालों की बेड क्षमता 58 हजार के करीब है। इस लिहाज से अब भी राज्य में नर्सिंग स्टॉफ की बढ़ोत्तरी की काफी संभावना है।

मुख्य सचिव ने कॉलेजों के आवेदनों पर विचार करते हुए 1790 नई सीटों को बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी। उन्होंने नर्सिंग कोर्स संचालन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए।

राज्य के विभिन्न संस्थानों के आवेदनों को जिला, डीजी, शासन स्तर पर छंटनी करने करने में काफी समय लगता है।

सिंगल विंडो सिस्टम होने से यह प्रक्रिया भी आसान होगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। वित्त सचिव दिलीप जावलकर भी मौजूद रहे।

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