चमोली में नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के आरोपी अतिथि शिक्षक को चमोली पुलिस ने 12 घंटे के भीतर बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी अतिथि शिक्षक युनुस अंसारी का शिक्षा विभाग ने अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर सेवा से भी हटाते हुए पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
चमोली के राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र गौणा में दो नाबालिग छात्रों का यौन उत्पीड़न करने वाले एक अतिथि प्रवक्ता को पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश के बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया है। मामला 30 नवंबर को उस समय प्रकाश में आया, जब पीड़ित पक्ष के परिजनों द्वारा कोतवाली चमोली में तहरीर दी गई।
परिजनों का आरोप है कि राजकीय इन्टर कॉलेज गौणा में कार्यरत अतिथि प्रवक्ता युनूस अंसारी ने परीक्षा में फेल कर देने की धमकी एवं अन्य भय उत्पन्न कर नाबालिग बच्चों और विद्यालय की ही एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ की। तहरीर के आधार पर कोतवाली चमोली में प्रकरण जीरो एफआईआर में पंजीकृत कर पोक्सो अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया।
पुलिस ने आरोपी युनूस अंसारी को उत्तर प्रदेश के जलालाबाद बिजनौर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने संबंधित विद्यालय एवं गाँव का स्थल निरीक्षण कर पीड़ितों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान विधिवत दर्ज किए गए।
पीड़ितों व अभियुक्त का मेडिकल परीक्षण करवा लिया गया है और न्यायालय में कलमबद्ध बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रचलित है।
आरोपी युनूस अंसारी पुत्र शब्बीर अहमद निवासी जलालाबाद कोतवाली नजीबाबाद जिला बिजनौर उम्र 49 वर्ष को जिला जज के सामने पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया है।
उधर शिक्षा विभाग ने भी राजकीय इंटर कॉलेज गौंणा में राजनीति विज्ञान के अतिथि प्रवक्ता युनूस अंसारी पर लगे गम्भीर आरोप के आधार और अभिभावकों की ओर से दर्ज शिकायत पर राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने अनुबंध निरस्ती के आदेश जारी कर दिए हैं।
आरोपी शिक्षक वर्ष 2015 में राजनीति विज्ञान विषय में अतिथि प्रवक्ता के पद नियुक्त हुआ था। सीईओ चमोली ने इस प्रकरण में बरती लापरवाही को लेकर प्रधानाचार्य को भी दो दिन के भीतर तथ्यपरक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, आरोपी शिक्षक के खिलाफ चमोली कोतवाली पुलिस ने पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदाम दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले पर विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासनहीनता, छेड़छाड़ और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अपराधों को कतई भी बर्दाश्त नहीं करेगी।
ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल स्तर पर निगरानी एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गए हैं।


