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भारत–नेपाल पर्यटन को नई दिशा देने हेतु शुक्लाफाटा प्रतिनिधिमंडल की नैनीताल में बैठक

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। भारत–नेपाल के बीच पर्यटन को सशक्त बनाने और नए अवसरों को विकसित करने के उद्देश्य से शुक्लाफांटा नेशनल पार्क की 15 सदस्यीय टीम ने सोमवार को नैनीताल में एक महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में एनजीओ हिमालय नेचर, जियोलॉजिक सोसायटी ऑफ लंदन के प्रतिनिधियों के साथ-साथ नैनीताल के होटल व्यवसायियों, टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन और स्थानीय पर्यटन हितधारकों ने भाग लिया।

प्रतिनिधिमंडल ने जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में पर्यटन विकास के मॉडल का अध्ययन करते हुए कहा कि नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क में प्रतिवर्ष लगभग 4 हजार पर्यटक आते हैं, लेकिन कोविड काल के बाद यह संख्या घट गई है।

ऐसे में भारत–नेपाल की संयुक्त पहल से पर्यटन को नई गति दी जा सकती है।बैठक में शुक्लाफांटा के वन्य जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य और नए विकसित सफारी रूट्स के बारे में नैनीताल के होटल व्यवसायियों को विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रतिनिधियों ने बताया कि क्रॉस-बॉर्डर टूरिज्म से दोनों देशों के बीच पर्यटकों का आदान-प्रदान बढ़ेगा और भारतीय पर्यटकों को दुर्लभ वन्य जीवों के नज़दीक से दर्शन का अवसर मिलेगा।बैठक में यह सहमति बनी कि जल्द ही संयुक्त पर्यटन पैकेज तैयार किया जाएगा।

जिससे नैनीताल से सीधे शुक्लाफांटा तक यात्रा सरल और सुगम हो सकेगी। इसके साथ ही एक विशेष प्रचार-प्रसार अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे शुक्लाफांटा को उत्तराखंड के पर्यटकों के लिए एक नई उभरती हुई डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सके।

बैठक में होटल व्यवसायी रामचंद्र, केशव पांडेय, परमानंद भंडारी, संतोष पलड़िया, पुष्कर, नंदलाल पांडेय, धन्यजय जयश्री, श्रीराम घिमरे, ख़ेम भंडारी, विष्णु प्रसाद पनेरू, रमेश नंद तिवारी और पुरुषोत्तम आर्य सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि भारत–नेपाल की यह साझा पहल पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देगी तथा दोनों देशों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान करेगी।

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