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वित्त वर्ष 2024 में अडानी समूह का मुनाफा मार्च 2024 को खत्म हुए समय पर 55 फीसदी बढ़ा. इसके साथ ही अडानी ग्रुप ने अगले दशक (10 सालों) में 90 अरब अमेरिकी डॉलर के पूंजीगत निवेश की योजना बनाई है।

अमेरिकी निवेश कंपनी हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों से उबरकर अरबपति कारोबारी गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों ने 2023-24 में कर्ज को नियंत्रित करने, संस्थापक के गिरवी शेयरों में कमी करने और कारोबार को मजबूत करने पर ध्यान लगाया जिसका इसे फायदा मिला।

अडानी ग्रुप का कंसोलिडेटेड मुनाफा

शेयर बाजार के डेटा और विश्लेषकों के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों ने 30,767 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. यह आंकड़ा इससे पिछले वित्त वर्ष में 19,833 करोड़ रुपये पर रहा था।

मुनाफे में बढ़ोतरी के लिए पांच साल की सीएजीआर या कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) 54 फीसदी दर्ज की गई थी. इस दौरान राजस्व में छह फीसदी की गिरावट के बावजूद EBITA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) 40 फीसदी बढ़कर 66,244 करोड़ रुपये हो गई।

ब्रोकिंग फर्म का क्या है कहना?

अमेरिकी ब्रोकरेज फ्रम जेफरीज ने एक टिप्पणी में कहा, “वित्त वर्ष 2023-24 में समूह का कुल EBITA सालाना आधार पर 40 फीसदी बढ़ा. समूह ने इक्विटी/ ऋण/ रणनीतिक निवेशकों से नए फंड जुटाए, और प्रवर्तकों ने समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई और समूह के बाजार पूंजीकरण में उछाल आया.” ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि समूह तेजी से विस्तार कर रहा है और उसने अगले दशक में 90 अरब अमेरिकी डॉलर के पूंजीगत निवेश की योजना बनाई है।

अडानी ग्रुप के कर्ज में भी कमी

रिपोर्ट के मुताबिक समूह स्तर पर नेट कर्ज (आठ कंपनियों के अलावा सीमेंट बिजनेस से जुड़ा कर्ज) वित्त वर्ष 2023-24 में 2.2 लाख करोड़ रुपये पर स्थिर रहा है जो इससे पहले 2.3 लाख करोड़ रुपये रहा था।

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