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शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1) (c) के अंतर्गत शैक्षिक सत्र 2026-27 में निजी विद्यालयों में अपवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया प्रारम्भ की जा रही है।

इस संबंध में जनपद स्तर पर दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञप्ति जारी कर आमजन को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी विकासखण्ड परियोजना अधिकारियों को ऑनलाइन पोर्टल www.rteonline.uk.gov.in⁠� के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ प्रवेश प्रक्रिया तत्काल शुरू करनी होगी। जिला परियोजना अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि जनपद के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट हों तथा नवीन विद्यालयों का पंजीकरण कराया जाए।

पोर्टल पर पंजीकरण या अपडेशन न करने वाले विद्यालयों में नए प्रवेश नहीं हो सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

विज्ञप्ति में पड़ोस (Neighbourhood) की परिभाषा स्पष्ट करते हुए बताया जाएगा कि जिस वार्ड में विद्यालय स्थित है, उसी वार्ड के पात्र बच्चों को आरटीई का लाभ मिलेगा। यदि उस वार्ड में पात्र बच्चों की संख्या कम होती है तो क्षेत्र विस्तार का अधिकार संबंधित मुख्य शिक्षा अधिकारी के पास होगा।

प्रवेश के लिए आयु सीमा भी निर्धारित की गई है। जिन निजी विद्यालयों में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा मान्य है, उनमें प्रवेश हेतु बच्चे की न्यूनतम आयु 30 जून 2026 को तीन वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। वहीं कक्षा 1 से संचालित विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 30 जून 2026 को छह वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी किया जा चुका है।

ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के तहत अभिभावकों को अपने पाल्य का पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद पंजीकरण प्रपत्र की प्रति आवश्यक अभिलेखों—जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण पत्र, जाति/श्रेणी प्रमाण पत्र—के साथ संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी/खण्ड परियोजना अधिकारी कार्यालय में जांच हेतु जमा करनी होगी और उसकी प्राप्ति रसीद लेना अनिवार्य होगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी।

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