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देहरादून। उत्तराखंड के मंगलौर विधानसभा सीट पर कुछ दिनों पहले ही उपचुनाव हुए थे, जिसमे कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। लेकिन, कांग्रेस विधायक काजी मोहम्मद निजामुद्दीन की जीत से उत्साहित उनके समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया।

आरोप है कि, कांग्रेस विधायक के समर्थकों ने जुलुस निकालते हुए हिन्दुओं के घरों पर पथराव किया और विरोध करने लाठी-डंडों से लोगों पर हमला भी किया।

बिना अनुमति के निकलते जुलुस को रोकने जब पुलिस पहुंची तो उपद्रवी कांग्रेस समर्थकों ने पुलिस से अभद्र व्यवहार किया और जवानों से झड़प की। ये घटना लगभग एक सप्ताह पहले की है, जब उपचुनाव के नतीजे घोषित हुए थे।

अब पुलिस ने बिना अनुमति के निकाले गए इस जुलूस के दौरान हुई हिंसक घटना में बड़ी कार्रवाई करते हुए पथराव और उनके साथ झड़प करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त इरफान, अबरार, कामिल, शमसाद और इरफान नाम के एक अन्य व्यक्ति के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई हैं।

गौरतलब है कि इस विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक काजी मोहम्मद निजामुद्दीन के समर्थकों ने पुलिस की अनुमति के बिना विजय जुलूस निकाला।

विजय जुलूस के दौरान उन्होंने अन्य दलों के समर्थकों और कथित तौर पर हिंदू परिवारों के घरों और दुकानों पर पथराव किया।

कांग्रेस विधायक के इस्लामवादी समर्थकों ने लाठी-डंडों से लोगों पर हमला भी किया। आरोप है कि उन्होंने पुलिस जवानों के साथ भी हाथापाई की।

खबरों के अनुसार, कांग्रेस MLA काजी निजामुद्दीन और उनके समर्थकों ने विजय जुलूस निकालने के लिए पुलिस से मंजूरी नहीं ली थी।

इसके बाद, गुंडों ने इलाके में मौजूद दूसरे दलों के समर्थकों और जाट-गुज्जर तथा दलित जैसे हिंदू परिवारों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। उपद्रवी पुलिस के जवानों से भी भिड़ गए और सड़कों पर जमकर उत्पात मचाया।

इस हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इसके बाद पुलिस ने संगीता, एसआई नवीन नेगी और नौशाद की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।

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