हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज, अनुसूचित जाति को लेकर कथित आपत्तिजनक व भड़काऊ बयान देने का आरोप
हल्द्वानी। अनुसूचित जाति से जुड़े कथित आपत्तिजनक एवं भड़काऊ वक्तव्यों के मामले में हल्द्वानी कोतवाली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्राप्त तहरीर, वादी के बयान और उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के अनुसार, जवाहर नगर कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने 30 अगस्त 2026 को हल्द्वानी थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि 29 अगस्त को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 11 अगस्त को आयोजित सफाई कार्यक्रम को लेकर असत्य एवं अपूर्ण तथ्यों के आधार पर अनुसूचित जाति समुदाय के संबंध में कथित तौर पर भड़काव पैदा करने वाले वक्तव्य दिए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयानों से अनुसूचित जाति समुदाय के संबंध में भ्रम और तनाव की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता अमित कुमार को थाने बुलाकर उनके विस्तृत बयान दर्ज किए।
पुलिस के अनुसार, बयान दर्ज कराए जाने के दौरान अमित कुमार अपनी ओर से लगाए गए आरोपों और दी गई तहरीर पर कायम रहे। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में कथित वीडियो साक्ष्य भी पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराए, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि वादी के बयान और उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार हल्द्वानी थाने में FIR संख्या 297/2026 दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 294 के साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, शिकायतकर्ता के बयान और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले को लेकर हल्द्वानी समेत पूरे जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।










