उत्तराखंड के विधायक के फार्म हाउस में दारोगा सीआरपीएफ जवानों ने युवती से किया सामूहिक दुष्कर्म
धार्मिक स्थल घुमाने के बहाने हरियाणा से अमरोहा लाई गई थी युवती, सीआरपीएफ निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और दारोगा पर गंभीर आरोप; डीजीपी के सख्त रुख के बाद कार्रवाई
अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हरियाणा निवासी एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि धार्मिक स्थल घुमाने के बहाने युवती को अमरोहा लाकर एक फार्म हाउस में ले जाया गया, जहां सीआरपीएफ के निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और उत्तर प्रदेश पुलिस के दारोगा समेत चार लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिस फार्म हाउस में घटना होने का आरोप है, उसे उत्तराखंड के एक विधायक से जुड़ा बताया जा रहा है।
मामले में पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घटना में आरोपित हसनपुर कोतवाली में तैनात दारोगा संजय तोमर और हेड कांस्टेबल प्रमोद को निलंबित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली युवती को 22 सितंबर को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के बहाने अमरोहा लाया गया था। आरोप है कि मुजफ्फरनगर निवासी सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल मोहित युवती को अपने साथ लेकर आया था। रास्ते में हसनपुर कोतवाली में तैनात बागपत निवासी दारोगा संजय तोमर को भी कार में साथ लिया गया। इसके बाद युवती को अतरासी-हसनपुर मार्ग स्थित एक फार्म हाउस ले जाया गया।
बताया गया कि फार्म हाउस में हसनपुर थाने में तैनात मुजफ्फरनगर निवासी हेड कांस्टेबल प्रमोद पहले से मौजूद था। पुलिस के मुताबिक फार्म हाउस के दो कमरे किराये पर लिए गए थे। वहां चारों लोगों ने शराब पी। आरोप है कि रात में नशे की हालत में मोहित, सीआरपीएफ निरीक्षक लालाराम यादव और दारोगा संजय तोमर युवती के कमरे में घुसे और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
इसके बाद जब प्रमोद कमरे में पहुंचा तो युवती ने उसे धक्का देकर बाहर कर दिया और खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। इसके बाद युवती ने गूगल की मदद से पुलिस का नंबर तलाशा और घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
एसपी लखन सिंह यादव के मुताबिक, आरोपित सीआरपीएफ निरीक्षक लालाराम यादव राजस्थान के अलवर का रहने वाला है और 156वीं बटालियन, न्यू बोगाई, असम में तैनात है। वहीं हेड कांस्टेबल मोहित सीआरपीएफ की पांचवीं बटालियन, दिल्ली में तैनात बताया गया है। पुलिस के अनुसार लालाराम और मोहित युवती को पहले से जानते थे, जबकि मोहित और दारोगा संजय तोमर की भी पहले से जान-पहचान थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि युवती को अमरोहा लाने की योजना पहले से बनाई गई थी। युवती के मुताबिक, 20 सितंबर को एक परिचित महिला ने उसे फोन कर मुजफ्फरनगर निवासी मोहित से मिलने और उसके साथ अमरोहा में धार्मिक स्थलों के भ्रमण की बात कही थी। इसके बाद 21 सितंबर को युवती सोनीपत में मोहित से मिली। वहां से दोनों मेरठ पहुंचे, जहां मोहित ने अपने सीआरपीएफ साथी निरीक्षक लालाराम को साथ लिया।
इसके बाद युवती को अमरोहा लाया गया और कथित तौर पर फार्म हाउस में ले जाया गया। घटना के बाद युवती द्वारा पुलिस को दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच जारी है और पुलिस फार्म हाउस, आरोपितों के आपसी संपर्क तथा घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में पीड़िता के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फार्म हाउस के उत्तराखंड के विधायक से कथित संबंधों को लेकर भी पुलिस स्तर पर तथ्यों की जांच की जा रही है।





































