अल्मोड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० एन०सी० तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिनांक 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक जनपद के समस्त विकास खण्डों में चलाये जा रहे ‘‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान‘‘ पखवाड़ा के छठे दिन जनपद अल्मोड़ा में 21 स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित किये गये।

जिनमें कुल 5336 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी। हाइपर टेन्शन के 3045, डायबिटीज के 2899, सरवाइकल कैन्सर की 184 महिलाओं तथा बैस्ट कैन्सर की 639 महिलाओं की जाँच की गयी। ओरल कैन्सर के कुल 1472 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी तथा 66 महिलाओं की प्रसव पूर्व जॉच भी की गयी।

639 किशोरियों की स्क्रीनिंग की गयी तथा उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता अपनाये जाने हेतु सुझाव दिये गये। पौष्टिक आहार लिए जाने हेतु 266 सत्र आयोजित किये गये।

1105 लोगों की टी०बी० की जाँच की गयी तथा 160 श्निश्चय मित्र बनाये गये। 2217 लोगों की काउन्सिलिंग की गयी। 44 आयुष्मान कार्ड तथा आभा आई०डी० बनायी गयी।

उन्होंने बताया कि ‘‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान‘‘ पखवाड़ा अभियान अन्तर्गत अभी तक कुल 531 स्क्रीनिंग कैम्प तथा 2 स्पेशियलटी कैम्प आयोजित किये जा चुके हैं। जिनमें कुल 22291 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी। हाइपर टेन्शन के 12550, डायबिटीज के 12711, सरवाइकल कैन्सर की 1566 महिलाओं तथा बैस्ट कैन्सर की 4222 महिलाओं की जाँच की गयी। ओरल कैन्सर के कुल 7627 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी तथा 1100 महिलाओं की प्रसव पूर्व जॉच भी की गयी।

4120 किशोरियों की स्क्रीनिंग की गयी तथा उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता अपनाये जाने हेतु सुझाव दिये गये। पौष्टिक आहार लिए जाने हेतु 412 सत्र आयोजित किये गये।

5121 लोगों की टी०बी० की जाँच की गयी तथा 443 निश्वय मित्र बनाये गये। 10020 लोगों की काउन्सिलिंग की गयी। 516 आयुष्मान कार्ड तथा आभा आई०डी० बनायी गयी। 78 ब्लड डोनर पंजीकृत किये जा चुके है।

शिविरों का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो, आयुष्मान आरोग्य मन्दिर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में किया जा रहा है। विशेषज्ञ कैम्पों में ‘‘दिव्यांग प्रमाण पत्र‘‘ भी निर्गत किये जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि शिविरों में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार प्रदान किया जा रहा है। महिलाओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की जा रही है।

रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। टी०बी० को रोगियों की स्क्रीनिग एवं जनमानस को जागरूक किया जा रहा है तथा टी०बी० मुक्त भारत हेतु आवश्यक प्रयास किये जा रहे हैं।

मानसिक स्वास्थ्य सेवायें, संचारी एवं गैर-संयारी रोगों की स्क्रीनिंग, डेंगू मलेरिया/चिकनगुनिया / कुष्ठ से बचाव हेतु परामर्श एवं जागरूकता तथा 0-5 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण हेतु विशेष सुविधायें प्रदान की जा रही है तथा गर्भवती माताओं की प्रसव पूर्व जाँच, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, ओरल कॅन्सर खून की कमी किशोरियों के स्वास्थ्य की जाँच एवं काउन्सिलिंग भी की जा रही है।

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