मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले व्यापार मंडल में दो फाड़, महानगर की निर्वाचित टीम ने तोड़ा नाता
9 अक्टूबर के व्यापार मंडल सम्मेलन के बहिष्कार का ऐलान, प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा पर वित्तीय पारदर्शिता और मनमानी के गंभीर आरोप
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री के 9 अक्टूबर को हल्द्वानी में प्रस्तावित व्यापार मंडल सम्मेलन से ठीक पहले व्यापारिक संगठन में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है।
महानगर व्यापार मंडल की पूरी निर्वाचित टीम ने प्रदेश संगठन से अलग होने का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रस्तावित सम्मेलन में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। महानगर टीम के इस फैसले से व्यापार मंडल की सियासत गरमा गई है और कार्यक्रम से पहले संगठन के भीतर चल रही खींचतान सार्वजनिक हो गई है।
महानगर व्यापार मंडल की निर्वाचित टीम ने प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री नवीन वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीम का आरोप है कि संगठन के संचालन में पारदर्शिता का पालन नहीं किया जा रहा है और व्यापार मंडल को कुछ लोगों द्वारा अपने तरीके से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।
महानगर टीम के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश और जिला कार्यकारिणी द्वारा संगठनात्मक स्तर पर मनमानी की जा रही है, जिससे व्यापारियों के बीच लगातार असंतोष बढ़ रहा है। टीम ने विशेष रूप से संगठन के वित्तीय मामलों को लेकर सवाल उठाए हैं। पदाधिकारियों का आरोप है कि व्यापार मंडल में पैसों के हिसाब-किताब को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और वित्तीय लेन-देन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।
महानगर की निर्वाचित टीम का कहना है कि व्यापारियों के हितों के लिए बनाए गए संगठन में निर्णय लोकतांत्रिक और पारदर्शी तरीके से होने चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा नहीं हो रहा है। इसी के विरोध में महानगर की पूरी निर्वाचित टीम ने प्रदेश संगठन से नाता तोड़ने का निर्णय लिया है।
9 अक्टूबर के सम्मेलन में नहीं होगी भागीदारी
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले महानगर व्यापार मंडल की निर्वाचित टीम के इस फैसले ने सम्मेलन को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। टीम ने स्पष्ट किया है कि वह 9 अक्टूबर को हल्द्वानी में आयोजित होने वाले व्यापार मंडल सम्मेलन में शामिल नहीं होगी।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होने वाले इस सम्मेलन को व्यापारियों से संवाद और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन सम्मेलन से पहले ही संगठन के एक बड़े हिस्से के बहिष्कार के ऐलान से व्यापार मंडल की अंदरूनी स्थिति चर्चा का विषय बन गई है।
महानगर टीम के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि संगठन में कथित तौर पर अपनाई जा रही कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता की कमी को लेकर है। उन्होंने संगठन के संचालन में स्पष्टता, जवाबदेही और व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता दिए जाने की मांग उठाई है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से ठीक पहले महानगर व्यापार मंडल की निर्वाचित टीम के प्रदेश संगठन से अलग होने के ऐलान ने हल्द्वानी के व्यापारिक संगठनों के बीच हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि प्रदेश संगठन इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देता है और 9 अक्टूबर के सम्मेलन में इस विवाद का क्या असर दिखाई देता है।

