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IFFDC भीमताल और इफको के सहयोग से हुआ क्षमता विकास कार्यक्रम, पांच समितियों के 40 प्रतिनिधियों ने लिया प्रशिक्षण

कृषि वानिकी सहकारी समितियों के बोर्ड सदस्यों का प्रशिक्षण

खनस्यू/ओखलकांडा। 14 सितंबर 2026। इफको के सहयोग से इंडियन फार्म फॉरेस्ट्री डेवलपमेंट कोऑपरेटिव लिमिटेड (IFFDC) भीमताल, उत्तराखंड द्वारा जनपद नैनीताल एवं चम्पावत में संचालित पांच कृषि वानिकी सहकारी समितियों के नवनियुक्त बोर्ड पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड ओखलकांडा के खनस्यू में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त बोर्ड सदस्यों को उनके प्रशासनिक, कानूनी एवं व्यावसायिक दायित्वों की जानकारी देने के साथ-साथ कृषि वानिकी आधारित व्यवसाय को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे हुआ। IFFDC भीमताल के सहायक फील्ड ऑफिसर यशोद महरा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद नैनीताल जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक युधिष्ठिर सिंह दरम्वाल, IFFDC उत्तराखंड के कनिष्ठ परियोजना प्रबंधक देश दीपक यादव, IFFDC भीमताल के सामुदायिक संगठक आकाश राणा तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि गोस्वामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

प्रशिक्षण के दौरान बोर्ड पदाधिकारियों के कार्य एवं दायित्वों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि सहकारी समिति के दैनिक संचालन में पारदर्शिता बनाए रखना, सहकारिता से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन करना तथा समिति के हित में नीतिगत निर्णय लेना बोर्ड की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।

वित्तीय प्रबंधन और सदस्यों के हितों पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान समिति के वित्तीय प्रबंधन, बजट आवंटन और वार्षिक ऑडिट प्रक्रिया की निगरानी के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बोर्ड सदस्यों को बताया गया कि समिति के आर्थिक संसाधनों का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही किसानों एवं उत्पादकों के हितों की रक्षा करने तथा उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं कृषि आधारित योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

प्रतिभागियों को समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने, नीतिगत निर्णय लेने, स्थानीय कृषि एवं वानिकी संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने तथा सहकारिता विभाग एवं शासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के संबंध में जानकारी दी गई। विभागीय योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को भी समितियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया गया।

मूल्य संवर्धन से बढ़ेगी किसानों की आय

व्यवसाय विस्तार एवं आर्थिक सुदृढ़ीकरण की योजना पर चर्चा करते हुए IFFDC भीमताल के सामुदायिक संगठक आकाश राणा ने मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कृषि एवं वन उत्पादों को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय उनके प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर ध्यान दिया जाए तो उत्पादों का बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। इससे समितियों की आय बढ़ाने के साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ मिल सकता है।

IFFDC के कनिष्ठ परियोजना प्रबंधक देश दीपक यादव ने कृषि वानिकी मॉडल की संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि खाली एवं बंजर भूमि पर इमारती लकड़ी, फलदार वृक्षों और औषधीय पौधों का रोपण कर किसानों को दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक दोनों प्रकार की आय के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कृषि वानिकी मॉडल पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बाजार लिंकेज और सहायक व्यवसायों पर चर्चा

प्रशिक्षण में स्थानीय कृषि-वानिकी उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि बेहतर बाजार संपर्क के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।

वहीं, नैनीताल जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक युधिष्ठिर सिंह दरम्वाल ने समितियों के व्यवसाय में विविधीकरण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने नर्सरी प्रबंधन, वर्मीकंपोस्ट यानी जैविक खाद, मधुमक्खी पालन तथा जड़ी-बूटी उत्पादन जैसे सहायक व्यवसायों को कृषि वानिकी सहकारी समितियों की आर्थिक गतिविधियों में शामिल करने की संभावनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी से जुड़े विभिन्न व्यवसायों को एक साथ विकसित कर समितियां अपनी आय के स्रोतों में विविधता ला सकती हैं और स्थानीय स्तर पर किसानों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकती हैं।

पांच समितियों के 40 प्रतिनिधियों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद नैनीताल एवं चम्पावत में संचालित पांच कृषि वानिकी सहकारी समितियों के कुल 40 प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मदन महरा, मनमोहन महरा, प्रकाश भट्ट, महेंद्र कुमार, मदन मोहन कुड़ाई, कीर्ति वल्लभ, कुशल राम सहित बड़ी संख्या में बोर्ड पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से नवनियुक्त बोर्ड सदस्यों को सहकारी समितियों के प्रभावी संचालन, वित्तीय पारदर्शिता, किसानों के हितों की रक्षा, कृषि वानिकी आधारित व्यवसाय के विस्तार तथा बाजार से बेहतर जुड़ाव के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

आयोजकों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग समितियां अपने कार्यों को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए करेंगी।

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