हल्द्वानी। बिठोरिया नंबर-2 क्षेत्र में प्रणीका ट्रेडर्स के सामने स्थित नाले में कथित रूप से किए जा रहे खनन को लेकर जिलाधिकारी नैनीताल से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता पंकज सिंह अधिकारी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, जांच पूरी होने तक कथित खनन कार्य तत्काल रुकवाने तथा संबंधित व्यक्ति को मिली पुलिस सुरक्षा के कथित दुरुपयोग की जांच कराने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में पंकज सिंह अधिकारी ने आरोप लगाया है कि बिठोरिया नंबर-2 स्थित प्रणीका ट्रेडर्स हल्द्वानी के सामने नाले में श्री मनोज गोस्वामी द्वारा कथित रूप से खनन कार्य कराया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर जानकारी मिल रही है कि संबंधित व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार नाले के अलग-अलग स्थानों पर खनन कर रहा है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यह जांच कराई जाए कि उक्त खनन कार्य के लिए सक्षम विभाग से वैध अनुमति, स्वीकृति, खनन पट्टा, पर्यावरणीय अनुमति और अन्य आवश्यक वैधानिक दस्तावेज प्राप्त किए गए हैं या नहीं। यदि आवश्यक अनुमतियां एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए जाते हैं तो खनन को अवैध मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस सुरक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
शिकायत में खनन के साथ-साथ पुलिस सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पंकज सिंह अधिकारी का आरोप है कि श्री मनोज गोस्वामी अपने साथ एक पुलिस कांस्टेबल की सुरक्षा अथवा पुलिस संरक्षण लेकर चलते हैं और उक्त पुलिसकर्मी उनके साथ रहता है।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोप है कि कथित पुलिस सुरक्षा का लाभ उठाकर संबंधित व्यक्ति स्थानीय लोगों पर प्रभाव एवं दबाव बनाता है तथा प्रशासनिक अथवा पुलिस संरक्षण प्राप्त होने का हवाला देकर कथित रूप से मनमाने स्थानों पर खनन करता है। हालांकि ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
संयुक्त निरीक्षण की मांग
पंकज सिंह अधिकारी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व, खनन एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामला प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ा होने के कारण इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मौके पर किए जा रहे खनन की प्रकृति, मात्रा, क्षेत्रफल तथा इसके लिए आवश्यक वैधानिक अनुमतियों की जांच की जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए और कथित अवैध खनन से हुए नुकसान का भी आकलन कराया जाए।
इसके साथ ही पुलिस सुरक्षा किस आधार पर उपलब्ध कराई गई है, संबंधित पुलिसकर्मी की तैनाती किस आदेश के तहत हुई है और क्या सुरक्षा का किसी निजी गतिविधि में इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी भी जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत पत्र दिनांक 8 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी नैनीताल को प्रस्तुत किया गया है। अब प्रशासन द्वारा मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजर बनी हुई है।

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