कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- अभद्रता और दबाव की राजनीति लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ

हल्द्वानी। कांग्रेस की जनसभा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान एसएसपी कार्यालय में कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित तौर पर किए गए अभद्र व्यवहार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

मंत्री कैड़ा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को संवैधानिक संस्थाओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मर्यादित व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएसपी कार्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया और कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

कैड़ा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक एवं महत्वपूर्ण राजनीतिक पदों पर बैठे नेताओं को अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भूलकर दबाव और भय की राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि सत्ता से बाहर रहने के बावजूद यदि किसी राजनीतिक दल का रवैया इस प्रकार का रहता है तो इससे उसकी राजनीतिक मानसिकता स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है और किसी भी राजनीतिक दल या नेता को अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने का अधिकार नहीं है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि पुलिस प्रशासन के साथ कथित अभद्रता के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध दर्ज कराने के लिए भी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन आवश्यक है। राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत आक्रोश और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

खड़गे के बयान पर भी साधा निशाना

मंत्री कैड़ा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयान को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा की तुलना सांप से करना तथा उन्हें समाप्त करने जैसी भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है।

कैड़ा ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने खड़गे से उनके बयान को लेकर उत्तराखंड और देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

‘कांग्रेस को हार का डर सता रहा है’

कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में अपनी हार का डर सता रहा है, जिसके चलते वह इस तरह के राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे कितने भी प्रपंच और राजनीतिक प्रयास कर ले, प्रदेश में सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी।

कैड़ा ने कहा कि जनता विकास और जनहित के मुद्दों पर सरकार के कामकाज को देख रही है और आने वाले समय में जनता ही राजनीतिक दलों के कामकाज का फैसला करेगी। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से राजनीतिक विरोध को लोकतांत्रिक और मर्यादित तरीके से रखने की अपील भी की।

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