कुमाऊं विश्वविद्यालय अंतरमहाविद्यालयी फुटबॉल प्रतियोगिता में डीएसबी कैंपस नैनीताल विजेता
एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी की टीम ने हासिल किया उपविजेता का स्थान, खिलाड़ियों ने किया उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन
नैनीताल/रुद्रपुर। सरदार भगत सिंह पीजी कॉलेज, रुद्रपुर में 15 से 16 सितंबर 2026 तक कुमाऊं विश्वविद्यालय की अंतरमहाविद्यालयी पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में कुमाऊं विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों की फुटबॉल टीमों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल कौशल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले।
प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में डीएसबी कैंपस, नैनीताल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। पूरे मुकाबले के दौरान टीम के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल, रणनीति और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते डीएसबी कैंपस ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
वहीं एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी की टीम ने भी प्रतियोगिता में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और फाइनल तक पहुंचकर उपविजेता (रनर-अप) का स्थान हासिल किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान खेल भावना और अनुशासन का परिचय दिया।
डीएसबी कैंपस की विजेता टीम में शामिल रहे ये खिलाड़ी
विजेता डीएसबी कैंपस, नैनीताल की टीम में कमल सिंह बसेड़ा, मोहित रावत, शुभम रावत, मनोज ढैला, सार्थक दफौटी, मोहित बिष्ट, मयंक कुमार, सूरज रौतेला, दीपक बिष्ट, जनक बिष्ट, जितेंद्र हरनवाल, मोहित सिंह खन्नी, पीयूष भट्ट, यश मेहरा, हिमांशु सिंह एवं प्रांजल सिंह सामंत शामिल रहे।
टीम की इस उपलब्धि से डीएसबी कैंपस में खुशी का माहौल है। प्रतियोगिता में विजेता बनने पर खिलाड़ियों को शिक्षकों, कर्मचारियों और खेल प्रेमियों ने बधाई दी। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अभ्यास, टीमवर्क और अनुशासन को दिया।
इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. संजय पंत, प्रो. रजनीश पाण्डेय, प्रो. ललित तिवारी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. गगनदीप, डॉ. अशोक कुमार, अपूर्व बिष्ट एवं अनिता रावत सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।







