संस्कृति हमारी पहचान और जीवन का आधार है, यह जीवन में आनंद एवं ऊर्जा का संचार करती है : अजय भट्ट
नैनीताल। श्री राम सेवक सभा के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक 124वें श्री नंदा देवी महोत्सव का बुधवार को पारंपरिक एवं भव्य ढंग से शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में सांसद एवं पूर्व रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान पूरा वातावरण मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से गुंजायमान रहा। पारंपरिक रीति-रिवाजों, मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई।
उद्घाटन अवसर पर सांसद अजय भट्ट ने कहा कि संस्कृति हमारा आधार होती है और यह जीवन को आनंदित करने का कार्य करती है। उन्होंने मां नंदा देवी से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी लोग सुखी, समृद्ध और स्वस्थ रहें। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
विधायक सरिता आर्य ने कहा कि मां नंदा देवी उत्तराखंड के कण-कण में समाई हुई हैं। मां नंदा हमें प्रकृति से जोड़ने के साथ ही हिमालय जैसी विशालता और ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
छोलिया दल के साथ हुआ अतिथियों का पारंपरिक स्वागत
महोत्सव के उद्घाटन से पहले गोलघर से सभी अतिथियों का छोलिया दल की मधुर धुनों के बीच पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। अतिथियों को चुन्नी और टोपी पहनाई गई। इसके बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोकधुनों के साथ उन्हें सभा भवन तक लाया गया, जहां तिलक लगाकर उनका भव्य स्वागत किया गया।
सभा भवन में पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने मंत्रोच्चार के साथ अतिथियों से दीप प्रज्वलन कराया। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। श्री राम सेवक सभा के बाल कलाकारों ने सुंदर गणेश वंदना एवं श्री नंदा स्तुति प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
21 पौधों की पूजा, कदली दल को सौंपे लाल-सफेद ध्वज
महोत्सव की परंपरा के तहत यशपाल रावत द्वारा प्रदत्त 21 पौधों की अतिथियों ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद परंपरा के अनुसार लाल और सफेद ध्वज अतिथियों द्वारा कदली दल को प्रदान किए गए। कदली दल को इसके बाद मंगोली गांव के लिए रवाना किया गया।
कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों को मां नंदा-सुनंदा का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

साफ-सफाई और आभूषणों की सुरक्षा पर विशेष जोर
उद्घाटन सत्र के दौरान मेला अधिकारी ने श्रद्धालुओं और मेले में आने वाले लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने लोगों से अपने आभूषणों एवं कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का आग्रह किया।
1903 से चली आ रही है महोत्सव की परंपरा
श्री नंदा देवी महोत्सव की ऐतिहासिक परंपरा वर्ष 1903 से प्रारंभ हुई थी। श्री राम सेवक सभा द्वारा वर्ष 1926 से इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव का लगातार आयोजन किया जा रहा है। वर्षों से आयोजित यह महोत्सव नैनीताल ही नहीं, बल्कि पूरे कुमाऊं की धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
महोत्सव के शुभारंभ के दौरान ‘जय मां नंदा-सुनंदा’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
ये रहे मौजूद
शुभारंभ समारोह में दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा, दिनेश आर्य, गोपाल रावत, मनोज जोशी, हेम आर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आरडी मठपाल, सीओ अंजना नेगी सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मनोज साह, घनश्याम लाल साह, अशोक साह, राजेंद्र बिष्ट, बिमल चौधरी, बिमल साह, भुवन बिष्ट, रेशमा टंडन, सुनीता वर्मा, राजेंद्र लाल साह, देवेंद्र लाल लाह, घनश्याम जोशी, हीरा रावत, आनंद बिष्ट, एडवोकेट मनोज साह, प्रदीप जेठी, पुष्पा बावरी, जीवंती भट्ट, सभासद जीनू पांडे, अंकित चंद्रा, भागवत रावत, ललित साह, तेज सिंह, गीता साह, अमिता साह, मोहित लाल साह, भीम सिंह कार्की, दिनेश भट्ट सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन हेमंत बिष्ट, मीनाक्षी कीर्ति, नवीन पांडे और प्रो. ललित तिवारी ने किया। महासचिव जगदीश बावरी ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।






