रामनगर के गर्जिया मंदिर में कल से गूंजेगी कोसी मां की आरती, हरिद्वार-ऋषिकेश की तर्ज पर होगी शुरुआत

मां गर्जिया देवी मंदिर में धार्मिक आयोजन की तैयारी, ऋषिकेश से पहुंचेंगे प्रशिक्षित विद्वान पंडित; धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रामनगर। उत्तराखंड के रामनगर स्थित प्रसिद्ध मां गर्जिया देवी मंदिर में अब कोसी नदी की भव्य आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनने जा रही है। हरिद्वार की हरकी पैड़ी और ऋषिकेश की गंगा आरती की तर्ज पर कोसी मां की आरती शुरू करने की तैयारी की गई है। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से इस धार्मिक आयोजन का शुभारंभ किया जाएगा। इस पहल से रामनगर की धार्मिक पहचान को और मजबूती मिलने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कोसी नदी के तट पर आयोजित होने वाली इस आरती को भव्य और व्यवस्थित स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ऋषिकेश से प्रशिक्षण प्राप्त विद्वान पंडित रामनगर पहुंचेंगे। पंडितों की ओर से धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार कोसी मां की आरती संपन्न कराई जाएगी। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और पहले दिन बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री के आह्वान पर शुरू हो रही पहल

भाजपा नेता मदन जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर कोसी मां की आरती शुरू करने की पहल की जा रही है। उनका कहना है कि इस आयोजन को नियमित रूप से संचालित करने की योजना है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों से रामनगर आने वाले श्रद्धालु भी इसमें भाग ले सकें। आरती के माध्यम से कोसी नदी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को सामने लाने का प्रयास किया।

जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर भी ले सकेंगे हिस्सा

इस आयोजन की खास बात यह होगी कि श्रद्धालु केवल धार्मिक पर्वों पर ही नहीं, बल्कि अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह और अन्य शुभ अवसरों पर भी कोसी मां की आरती में शामिल हो सकेंगे। इससे लोगों को अपनी धार्मिक आस्था और पारिवारिक खुशियों को एक आध्यात्मिक वातावरण में मनाने का अवसर मिलेगा। आयोजन को नियमित बनाने की योजना से स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

मां गर्जिया देवी मंदिर रामनगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। कोसी नदी के बीच स्थित चट्टान पर विराजमान मां गर्जिया के दर्शन के लिए वर्षभर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। अब कोसी मां की भव्य आरती शुरू होने से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को एक नया धार्मिक अनुभव मिलने की उम्मीद है।

हरिद्वार और ऋषिकेश की गंगा आरती की तर्ज पर होने वाला यह आयोजन रामनगर को धार्मिक पर्यटन के एक नए आकर्षण के रूप में विकसित करने में मददगार हो सकता है। इससे क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

कुल मिलाकर, कोसी मां की आरती की शुरुआत रामनगर की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है। अब श्रद्धालुओं को मां गर्जिया देवी के दर्शन के साथ कोसी नदी के पावन तट पर आरती में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

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