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नैनीताल से पांच किलोमीटर दूर एक ऐसा मंदिर जहां भक्तों की होती मनोकामना पूर्ण, सपनों में आऐ थे बजरंगबली, तब हुआ हनुमान मंदिर का निर्माण मंगलवार और शनिवार को लगता है दरबार कष्ट निवारण के लिए भक्त लगाते अपनी अरदास 

 रिपोर्टर गुड़डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। नैनीताल से करीब पांच किलोमीटर दूर कालाढूंगी मार्ग स्थित वाॅटनिकल गार्डन के समीप सरिताताल की पहाड़ियों के बीच स्थापित श्री कष्ट निवारण हनुमान मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

बाज, चीड़ और देवदार के पेड़ों से घिरे शांत वातावरण में स्थित यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।

मंदिर की विशेष मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां आकर हनुमान जी के दर्शन करता है, उसके कष्टों का निवारण होता है। यहां हर मंगलवार और शनिवार को विशेष दरबार लगाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।

मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं गुरुजी कमल शाही ने बताया कि उन्हें सपने में बजरंगबली के दर्शन हुए थे, जिन्होंने उन्हें इस स्थान पर अपनी मूर्ति स्थापित करने और पूजा-अर्चना करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने यह बात अपने परिवार से साझा की, जहां उनकी माता ने सबसे पहले एक छोटी मूर्ति स्थापित कर पूजा शुरू कर दी।

इसके पश्चात जनवरी 2025 से मंदिर निर्माण के लिए भक्तों के सहयोग से कार्य शुरू किया गया और 12 अप्रैल 2025 को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर विधिवत मूर्ति स्थापना की गई। तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन गया है।

मंदिर में समय-समय पर भंडारे का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 31 मार्च को मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा, 1 अप्रैल को अखंड रामायण पाठ और 2 अप्रैल को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

मंदिर समिति द्वारा इन आयोजनों की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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