सरयू तट पर दीपों का महाकुंभ! 10वें दीपोत्सव में जगमगाई अयोध्या, उपराष्ट्रपति और सीएम योगी रहे मौजूद

अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य नजारा, 30 लाख दीपों से जगमगाई राम की पैड़ी; योगी बोले- बदल चुका है भारत

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में 10वें भव्य दीपोत्सव के अवसर पर शनिवार की शाम आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। ऐतिहासिक दीपोत्सव के दौरान पूरी अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। सरयू नदी के तट से लेकर राम की पैड़ी तक लाखों दीपों की अलौकिक छटा ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस भव्य आयोजन में 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दीपोत्सव को लेकर सुबह से ही रामनगरी में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ था। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। शाम होते ही सरयू तट पर दीप प्रज्ज्वलन का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते लाखों दीपों की रोशनी से पूरा क्षेत्र आलोकित हो गया। दीपों की कतारों ने रामनगरी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

दीपोत्सव 2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी 36 वर्ष पुरानी घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज राम की पैड़ी पर लाखों दीपक जगमगा रहे हैं, लेकिन ठीक 36 वर्ष पहले इसी सरयू नदी का जल रामभक्तों के लहू से रक्तरंजित हुआ था।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या की गलियों को रक्तरंजित किया, जो भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे और जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, वे आज फिर सिर उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग आज के भारत की ताकत और रामभक्तों की शक्ति को अच्छी तरह जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब अयोध्या में जय श्रीराम बोलने तक पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश होती थी और यह कहा जाता था कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता। लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर के विरोध में खड़े थे, वे भी आज राम मंदिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं।

इस वर्ष का दीपोत्सव केवल दीप प्रज्ज्वलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से अयोध्या की धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और विकास की नई तस्वीर भी प्रस्तुत की गई। रामायण आधारित झांकियों, पारंपरिक लोककलाओं और भव्य आयोजन ने देश-दुनिया के लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

30 लाख दीपों की रोशनी से जगमगाती रामनगरी ने एक बार फिर भगवान श्रीराम की नगरी की भव्यता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया। दीपोत्सव के इस आयोजन ने अयोध्या को भक्ति, परंपरा और उत्सव के अद्भुत रंगों से सराबोर कर दिया।

इस भव्य दीपोत्सव और पूजा की मुख्य बातें:

• प्रभु श्रीराम का स्वागत: दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान जब पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के स्वरूप धरती पर उतरे, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथ जोड़कर उनका अभिनंदन किया और संतों के साथ मिलकर रामरथ को खींचा।

• सरयू महाआरती: वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री, उप राष्ट्रपति और अन्य विशिष्ट जनों ने सरयू मैया की भव्य आरती उतारी।

• 36 लाख से अधिक दीये: इस वर्ष अयोध्या के 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया, जिससे पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगा उठी।

• लेजर शो और ड्रोन शो: पूजा और आरती के बाद, सरयू तट पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाने वाला एक शानदार 3D होलोग्राफी लेजर शो और स्वदेशी ड्रोन शो आयोजित किया गया।

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