ब्रेकिंग न्यूज़

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर

कई जिलों में रेड अलर्ट, भूस्खलन से सड़कें बंद; केदारनाथ पैदल मार्ग पर बच्चे की मौत, पौड़ी में मकान ढहने से गई एक व्यक्ति की जान

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को भी राज्य के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण करीब 136 पर्वतारोहियों के फंसे होने की सूचना है। इनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रदेश में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

चारधाम यात्रा स्थगित, पर्वतारोहियों के फंसने से बढ़ी चिंता

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। खराब मौसम के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और अन्य जोखिम बढ़ गए हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते करीब 136 पर्वतारोहियों के फंसे होने की सूचना है। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। खराब मौसम के बीच पर्वतारोहियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम की स्थिति और राहत-बचाव की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा क्षेत्र में भारी भूस्खलन की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। हादसे के बाद प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

वहीं, पौड़ी जिले के थलीसैंण क्षेत्र में बारिश के कारण एक मकान ढह गया। इस घटना में बलवीर सिंह नामक व्यक्ति की मलबे में दबकर मौत हो गई। लगातार बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में मकानों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है।

नैनीताल जिले में भी बारिश के कारण दो कच्चे मकान ढह गए। हालांकि, पुलिस के अनुसार इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

पिथौरागढ़ में भूस्खलन, रस्सियों के सहारे 500 यात्रियों को निकाला

पिथौरागढ़ जिले में भी भारी बारिश के कारण हालात प्रभावित हुए हैं। एसडीआरएफ के अनुसार, मुन्ना बैंड के पास भूस्खलन होने से मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया। सड़क बंद होने के कारण वहां यात्रियों की आवाजाही रुक गई।

इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य के तहत रस्सियों की मदद से करीब 500 यात्रियों को सड़क पार कराया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते यात्रियों को सुरक्षित निकालना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

खराब मौसम का असर पर्यटन और पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही पर भी पड़ रहा है। कई मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने की आशंका बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। लगातार बारिश के बीच लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही घर से निकलने की अपील की जा रही है।
फिलहाल उत्तराखंड में भारी बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित है। सोमवार को भी कई जिलों में रेड अलर्ट की चेतावनी के बीच प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव: विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र खरीदे गए, कल होगा नामांकन
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.