ब्रेकिंग न्यूज़
भीमताल में विकास के दावों की खुली पोल! 8 किमी तक डोली में बीमार महिला को ढोने को मजबूर ग्रामीण,सड़क नहीं बनी तो 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनीकुमाऊं विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने संभाला अतिरिक्त कार्यभार, विश्वविद्यालय परिवार ने किया भव्य स्वागतभीमताल में पीलिया-डायरिया का प्रकोप: ज्योलीकोट समेत प्रभावित क्षेत्रों में 3 दिन स्कूल बंद, घर-घर पेयजल टैंकों को किया जा रहा शुद्धहरिद्वार में वृहद वृक्षारोपण अभियान: 92वें कार्यक्रम में लगाए गए 200 से अधिक पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशउत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: तेज बरसाती बहाव में बही क्रेटा कार, युवक समेत दो की मौत, युवती घायल

उत्तराखंड में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) और सीजनल इन्फ्लुएंजा के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं. राज्य के अस्पतालों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

मरीजों के इलाज के लिए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ जरूरी मेडिकल उपकरणों की जांच और मरम्मत का काम शुरू हो चुका है. इसके अलावा, अस्पतालों में विशेष बेड रिजर्व किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को आईवी इंजेक्शन, फ्लूड और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री तैयार रखने के निर्देश दिए हैं. सीएमओ डॉ. हरीश पंत ने बताया कि नैनीताल स्थित डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल, बीडी पांडे अस्पताल और हल्द्वानी बेस अस्पताल में 100 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।

वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं. विभाग ने कहा है कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने के निर्देश जारी किए जाएंगे।

वायरस की पहचान और जांच की सुविधा
मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के निर्देशानुसार एचएमपीवी की जांच के लिए आवश्यक किट मंगवा ली है. विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश ने बताया कि जल्द ही जांच की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि एचएमपीवी संक्रमण सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह होता है और तीन से पांच दिनों में ठीक हो सकता है, लेकिन बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के बीच लापरवाही के मामले भी सामने आ रहे हैं. मंगलवार को अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों को सामाजिक दूरी (Social Distancing) का पालन न करते हुए देखा गया।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ऐसे हालात में संक्रमण तेजी से फैल सकता है. उन्होंने लोगों से सावधान रहने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

संक्रमण से कैसे करें बचाव?
छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को मास्क से ढकें.
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें.
साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं.
तरल पदार्थों और पौष्टिक आहार का अधिक सेवन करें.
सर्दी, जुकाम या बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

यह भी पढ़ें :  रक्षाबंधन पर जेल पहुंचीं बहनें, भाइयों की कलाई पर बांधी राखी; भावुक होकर बोलीं—अगली राखी घर पर मनाएं

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.