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 सुश्री दीप्ति सिंह पहुची उद्यान निदेशालय उद्यान भवन चौबटिया।विभागीय अधिकारियो की ली बैठक।

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत .

 रानीखेत। सुश्री दीप्ति सिंह, निदेशक बनने के बाद पहली बार उद्यान निदेशालय उद्यान भवन चौबटिया पहुची। जहा पर उद्यान विभाग के कर्मचारीगणो ने पुष्प गुच्छ भेट कर उनका स्वागत किया।

जिसके बाद निदेशक ने गार्डन का निरीक्षण किया। उद्यान भवन पहुचकर विभागीय अधिकरी व कर्मचारीगणो के साथ एक बैठक ली।

सुश्री दीप्ति सिंह, IAS निदेशक ने कहा कि हमारा पहला दायित्व काश्तकारों के प्रति है। हमारे पहले दौरे का भी यही उद्देश्य था, कि यह पता किया जाए कितना विकास हुआ है, क्या क्या समस्याएं हैं, और कैसी वस्तुस्थिति है।

हम जनता के सेवक हैं, हमें जहां सरकार आदेश करेगी, हम वहा जाएंगे। माननीय मुख्यमंत्री जी का भी यही कहना है कि हम जनता से ज्यादा जुड़े और मिलें। संसाधनों और विकास की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद हमारी टीम आगे का निर्णय लेगी।

अगर यहां पर परमानेंट सेट अप करना है, तो पहले यहां पर आधारभूत सुविधाओं का विकास करना होगा। गार्डन मे विकास कार्यो के बारे मे पुछे जाने के बाद उन्होंने कहा कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार ही कार्य होना चाहिए।

अगर कोई भी कार्य नियम से नहीं हो रहा है, तो उस पर कार्यवाही कर दोषियों को दंड अवश्य दिया जाएगा।

निदेशक ने सेब के घटते रकवे के बारे मे बातते हुए कहा कि विश्व के कई इलाकों के साथ साथ रानीखेत में भी इस साल बर्फबारी नहीं हुई हैं। उसके बाद कोरोना काल का भी प्रकोप रहा है।

2 साल में बहुत ज्यादा सुधार की उम्मीद करना तो सही नहीं होगा, पर सेब के उत्पादन में विकास देखने को मिला जरूर है। फिलहाल लगभग सेब के 125 प्रकार का उत्पादन हो रहा है। गार्डन प्रमुख गुप्ता जी ने इस पर बहुत कार्य किया है, और आगे भी हम इस पर प्रयासरत रहेंगे।

इस अवसर पर वित्त नियंत्रक विवेक स्वरूप, अपर निदेशक डाँक्टर आर०के०सिंह, अपर निदेशक डाँक्टर रतन कुमार, संयुक्त निदेशक डाँक्टर बृजेश कुमार गुप्ता, उप निदेशक डाँक्टर नरेन्द्र कुमार, उप निदेशक महेन्द्र पाल, उप निदेशक डाँक्टर रजनीश सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अंजू करगेती, मुख्य वैयक्तिक अधिकारी टी०डी० काण्डपाल, सहायक लेखाधिकारी दीवान सिंह नेगी सहित उद्यान विभाग के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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