रामनगर में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती से दुष्कर्म का आरोप, आठ माह की गर्भवती मिली बेसहारा महिला; पुलिस जांच में जुटी
होली के आसपास दो से तीन लोगों पर दुष्कर्म का आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से अस्पताल पहुंचाई गई युवती; पुलिस ने शुरू की जांच, महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।
रामनगर, नैनीताल। उत्तराखंड की देवभूमि को झकझोर देने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला नैनीताल जिले के रामनगर से सामने आया है। यहां लंबे समय से बेसहारा हालत में भटक रही करीब 25 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती लगभग आठ माह की गर्भवती मिली है। युवती की हालत सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवती ने बातचीत के दौरान रामनगर में होली के आसपास दो से तीन लोगों द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस पूरे मामले की वास्तविकता और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, युवती पिछले आठ से नौ महीनों से रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में भटक रही थी। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वह अपनी सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखने में भी सक्षम नहीं थी। सोमवार को वह काशीपुर रोडवेज बस अड्डे के पास दर्द से कराहती हुई मिली। उसकी हालत देखकर स्थानीय लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश सुयाल को सूचना दी।
होली के आसपास दुष्कर्म किए जाने का लगाया आरोप
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश सुयाल के अनुसार, युवती मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। बातचीत के दौरान युवती ने आरोप लगाया कि होली के आसपास रामनगर में दो से तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। युवती की गर्भावस्था और उसके द्वारा लगाए गए आरोपों ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। हालांकि, घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा इसमें कौन लोग शामिल हैं, यह पुलिस जांच का विषय है।
घटना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश सुयाल ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ और बेसहारा महिला के साथ इस तरह की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। ऐसी महिलाएं समाज में सबसे अधिक असुरक्षित होती हैं और उनकी देखरेख तथा सुरक्षा सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने लिया संज्ञान, महिला सेल को दी जाएगी जानकारी
वहीं रामनगर कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार महिला सेल को भी इसकी जानकारी दी जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल युवती हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचाराधीन है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब जरूरत है कि पीड़िता को बेहतर चिकित्सा सुविधा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराया जाए। साथ ही आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बेसहारा महिला को ऐसी पीड़ा से न गुजरना पड़े।

