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तीन तलाक, हलाला, फिर हिंदू से शादी.बरेली में दो मुस्लिम महिलाओं की एक सी कहानी

बरेली। बरेली में वैलेंटाइन्स डे पर दो शादियां ऐसी हुईं, जिनकी चर्चा पूरे शहर में जोरों-शोरों से हो रही है। ये है कहानी है दो महिलाओं की। कहानी भी बिल्कुल फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह।

दोनों मुस्लिम महिलाओं के पतियों ने उन्हें तलाक दे दिया. आरोप है कि फिर उन पर हलाला का दबाव बनाया गया. इसके बाद उनकी जिंदगी में एंट्री हुई हिंदू युवकों की. लव अफेयर शुरू हुआ. मोहब्बत इतनी परवान चढ़ी कि दोनों मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू धर्म अपनाकर अपने-अपने प्रेमियों से शादी कर ली. तो चलिए जानते हैं दोनों लव स्टोरीज का किस्सा विस्तार से…

कहानी है बुलंदशहर की रहने वाली शाहाना और बिहार के पूर्णिया की रहने वाली नसीमा की. शाहाना की शादी दो साल पहले एक मुस्लिम युवक से हुई थी. पति कुछ भी नहीं कमाता था. और उसे प्रताड़ित भी करता था. इस बात को लेकर शारदा हमेशा परेशान रहती थी। इसी बीच उसकी मुलाकात बरेली के रहने वाले ओमप्रकाश से हुई. मानसिक रूप से परेशान चल रही शाहाना को जब ओमप्रकाश का सहारा मिला तो वह काफी सहज महसूस करने लगी. दोनों की दोस्ती बढ़ी और उनमें प्यार हो गया. फिर उन्होंने तय किया कि अब वे दोनों शादी कर लेंगे।

दो मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू युवकों से की शादी,तीन तलाक, हलाला बनी वजह

शाहाना उर्फ शारदा और ओमप्रकाश

परिवार वालों को मनाने के बाद दोनों ने बसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त पर शादी करने का फैसला लिया. शाहाना और ओमप्रकाश ने फिर इज्जत नगर क्षेत्र के भीटा नाथ मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से शादी रचाई. शाहाना ने बताया कि उसने अपना धर्म भी बदल लिया है। अब वह सनातनी है और उसना नाम अब शारदा है। शारदा ने कहा कि वह ओमप्रकाश से शादी करके बेहद खुश है. कहा कि तीन तलाक और हलाला की प्रथा से परेशान होकर ही मैंने ये कदम उठाया है. किसी जोर-दबाव में शादी नहीं की है. मैं ओमप्रकाश से प्रेम करती हूं. मेरे पति ने तो मुझे ये कहकर तीन तलाक दे दिया था कि उन्हें मुझसे अब कोई मतलब नहीं. तब ओमप्रकाश ने ही मेरा साथ दिया।

शाहाना सी कहानी नसीमा की भी

वहीं, दूसरी महिला नसीमा की बात करें तो उसकी कहानी भी इससे मिलती जुलती. उसके साथ ही बिल्कुल शारदा जैसा ही हुआ. बकौल नसीमा, उसकी शादी दो साल पहले आगरा में हुई थी. शादी के बाद से ही उसका शौहर उसे परेशान करने लगा था. दोनों की फिर बेटी भी हुई जो कि अब डेढ़ साल की है. लेकिन इसी बीच पति ने 6 महीने पहले नसीमा को तीन तलाक दे दिया।

आरोप है कि बाद में फिर पति उस पर हलाला का दबाव बनाने लगा। नसीमा नहीं चाहती थी कि उसका घर टूटे. लेकिन वो हलाला के लिए भी राजी नहीं थी। उसने हलाला का विरोध किया तो पति और ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया।

दो मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू युवकों से की शादी,तीन तलाक, हलाला बनी वजह

नसीमा उर्फ मीनाक्षी और मनोज

इसके बाद नसीमा अपने मायके यानि पूर्णिया में आकर रहने लगी. वह अक्सर परेशान रहती थी. मन बहलाने के लिए उसने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना शुरू किया. यहां इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती मनोज शर्मा नामक युवक से हुई. मनोज को नसीमा ने अपने बारे में सबकुछ बताया। दोनों के बीच फिर रिश्ता और आगे बढ़ा और उनका अफेयर शुरू हो गया।

फिर उन्होंने तय किया कि वे शादी कर लेंगे। लड़की ने अपने परिवार वालों को मनोज के लिए मनाया. फिर शादी के लिए वह बरेली पहुंची जहां मनोज रहता है. नसीमा ने पहले मुस्लिम धर्म छोड़ सनातन धर्म अपनाया. नसीमा से मीनाक्षी बनी और बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में दोनों ने फिर 15 फरवरी को शादी कर ली. दंपति इस शादी से बेहद खुश है।

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