ब्रेकिंग न्यूज़
नंदा महोत्सव में आस्था का अद्भुत संगम: नैनीताल में पंच आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, मां नंदा के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, वीडियो…अंतर-महाविद्यालयी क्रॉस कंट्री में एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी का शानदार प्रदर्शन, पुरुष टीम बनी चैंपियन तो महिला टीम ने हासिल किया उपविजेता स्थाननैनीताल : नन्दा देवी महोत्सव के महाभंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, सैकड़ों लोगों ने ग्रहण किया प्रसादनंदा देवी महोत्सव: एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के नेतृत्व में नैनीताल पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा, लगातार पैदल गश्त और जागरूकता जारीहल्द्वानी : एमबीपीजी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने गैंग से जुड़े होने के आरोपों को नकारा

भीमताल। लोहाखाम ताल (ओखलकांडा)। जहाँ सरकारी फाइलें वर्षों तक दफ्तरों में घूमती रहती हैं, वहीं लोहाखाम ताल में एक युवा ने अपनी पहल से बदलाव की मिसाल कायम कर दी।

विकास खंड ओखलकांडा के लवाड़ डोबा निवासी मनोज मटियाली ने कुंड स्नान के दौरान महिलाओं को होने वाली असुविधा को गंभीरता से लिया और सोशल मीडिया के माध्यम से चंदा जुटाकर ताल परिसर में महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और शौचालय का निर्माण करा दिया।

इस सराहनीय कार्य में क्षेत्र के युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। बिना किसी सरकारी मदद के तैयार यह ढांचा पूरी तरह जनसहयोग और स्थानीय युवाओं की मेहनत का परिणाम है।

नारी सम्मान की दिशा में ठोस कदम

कुंड स्नान के समय महिलाओं को खुले में कपड़े बदलने की मजबूरी झेलनी पड़ती थी। मनोज मटियाली और उनके साथियों ने इसे नारी सम्मान से जुड़ा विषय मानते हुए समाधान का बीड़ा उठाया। अब महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

स्वच्छता और पर्यटन को बढ़ावा

इस पहल से न केवल क्षेत्र में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी लोहाखाम ताल अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह सामूहिक प्रयास होते रहे तो क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।

मनोज मटियाली का कहना है कि प्रकृति ने क्षेत्र को लोहाखाम ताल और हरिशताल जैसी अनमोल धरोहरें दी हैं, लेकिन संरक्षण के अभाव में ये अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा, “सरकार का इंतजार करते-करते सालों बीत गए। अगर जज्बा हो तो गाँव का विकास ग्रामीण खुद भी कर सकते हैं।”

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से प्रेरणा लेकर जनप्रतिनिधि और प्रशासन भी क्षेत्रीय विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाएँगे।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  श्री नंदा देवी महोत्सव: आस्था के साथ हिमालय और प्रकृति संरक्षण का संदेश- डॉ ललित तिवारी

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.